अक्षय तृतीया: बाजार की चमक-दमक के बीच कहीं खो न जाए वास्तविक अर्थ

अक्षय तृतीया: बाजार की चमक-दमक के बीच कहीं खो न जाए वास्तविक अर्थ

-#मनोज_जोशी   आज जब हम अक्षय तृतीया की बात करते हैं, तो अक्सर चर्चा सोना खरीदने और बाजार की चमक-दमक तक सीमित रह जाती है। लेकिन इस दिन का वास्तविक…