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( श्रावण मास के सोमवार को समर्पित ) भगवान श्री कृष्ण भगवद्गीता के विभूति योग में घोषणा करते हैं - रुद्राणां शंकर: अस्मि अर्थात् ग्यारह रुद्रों में मैं…
हम आखिर कैसा समाज बनाना चाहते हैं? ऐसा समाज, जो किसी मंत्री की अश्लील, अपमानजनक और अहंकारपूर्ण भाषा पर आक्रोश व्यक्त करे, लेकिन वही भाषा जब किसी आंदोलनकारी…
भारत की आत्मा में बसे सनातन धर्म के महान ग्रन्थ — रामायण, महाभारत, श्रीमद् भागवत, वेद, उपनिषद्, पुराण और गीता — केवल पुस्तकें नहीं हैं। ये लोकमानस के सखा…
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( श्रावण मास के सोमवार को समर्पित ) भगवान श्री कृष्ण भगवद्गीता के विभूति योग में घोषणा करते हैं - रुद्राणां शंकर: अस्मि अर्थात् ग्यारह रुद्रों में मैं…
हम आखिर कैसा समाज बनाना चाहते हैं? ऐसा समाज, जो किसी मंत्री की अश्लील, अपमानजनक और अहंकारपूर्ण भाषा पर आक्रोश व्यक्त करे, लेकिन वही भाषा जब किसी आंदोलनकारी…
भारत की आत्मा में बसे सनातन धर्म के महान ग्रन्थ — रामायण, महाभारत, श्रीमद् भागवत, वेद, उपनिषद्, पुराण और गीता — केवल पुस्तकें नहीं हैं। ये लोकमानस के सखा…
_*।। श्रीमद्भगवद्गीता ।। वास्तव में समता ही तत्त्व है। गीता में कहा है— इहैव तैर्जितः सर्गो येषां साम्ये स्थितं मनः। ( गीता १४/२५ ) अर्थात् जिनका मन समता में…
_ समय के साथ व्यक्ति बदलता है, परन्तु जीवन मूल्य नहीं। दायरे और दिशाएं बदलती हैं, मगर आदर्श एवं उद्देश्य नहीं। संवेदनशीलता में करुणा, संतुलन, धैर्य और विवेक का…