जीवन और मृत्यु को अलग मत कीजिए, वो एक ही साँस के दो नाम हैं:

हम अक्सर देखते हैं कि हमारी जिंदगी एक लगातार चलने वाले झगड़े की तरह बन गई है। सुबह से शाम तक, साल दर साल, बस एक संघर्ष चलता रहता है।…
जो खुद को अज्ञानी नहीं मानता, वही सबसे बड़ा अज्ञानी है:

जो खुद को अज्ञानी नहीं मानता, वही सबसे बड़ा अज्ञानी है:

हमने हमेशा सुना है कि साधना करो, ध्यान करो, योग करो, तप करो। और फिर हम करने भी लगते हैं। सुबह उठकर एक घंटा बैठते हैं, मंत्र दोहराते हैं, साँस…

हिन्दू ईवीएम बनाम मुस्लिम ईवीएम…..

    प्रकाश भटनागर।   पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता शुभेन्दु अधिकारी ने चुनाव नतीजों के बीच एक बड़ी सचाई को बेबाकी से बयान किया। पश्चिम…

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव:BJP की वो रणनीति जिसमें उलझ गई TMC

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 'भय आउट, भरोसा इन' की लाइनों को गढ़ने वाले बीजेपी राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने प्रदेश जीतने के लिए इस बार ऐसी व्यूह रचना की…
इस तरह से ध्यान लगाओ, पूरा शरीर ऊर्जा से भर जाएगा

इस तरह से ध्यान लगाओ, पूरा शरीर ऊर्जा से भर जाएगा

इस तरह से ध्यान लगाओ, पूरा शरीर ऊर्जा से भर जाएगा   बस तीन से पाँच मिनट। बिना किसी खर्च के। बिना किसी विशेष साधन के। सिर्फ अपनी नाक के…
जगद्गुरु आदि शंकराचार्य:अद्वैत वेदांत के प्रणेता, सनातन संस्कृति के पुनरुत्थानकर्ता,

जगद्गुरु आदि शंकराचार्य:अद्वैत वेदांत के प्रणेता, सनातन संस्कृति के पुनरुत्थानकर्ता,

अद्वैत वेदांत के प्रणेता, सनातन संस्कृति के पुनरुत्थानकर्ता, देश के चार कोनों पर चार पीठों की स्थापना करने वाले जगद्गुरु आदि शंकराचार्य। भारतीय दार्शनिक परम्परा में अद्वैत वेदान्त वह सर्वोच्च…
अक्षय तृतीया: बाजार की चमक-दमक के बीच कहीं खो न जाए वास्तविक अर्थ

अक्षय तृतीया: बाजार की चमक-दमक के बीच कहीं खो न जाए वास्तविक अर्थ

-#मनोज_जोशी   आज जब हम अक्षय तृतीया की बात करते हैं, तो अक्सर चर्चा सोना खरीदने और बाजार की चमक-दमक तक सीमित रह जाती है। लेकिन इस दिन का वास्तविक…
Geeta

अभिमन्यु:- चक्रव्यूह की mystical यात्रा और अपूर्णता की पूर्णता ( भाग – 02)

    प्रत्येक मनुष्य इस संसार में एक चक्रव्यूह में प्रवेश करता है जिसका नाम है — जीवन। उसे प्रवेश की विधि पता होती है — जन्म। किन्तु निकास का…
धर्मस्थलों के नियम: परंपरा, अनुशासन और मर्यादा का प्रश्न

धर्मस्थलों के नियम: परंपरा, अनुशासन और मर्यादा का प्रश्न

  मनोज_जोशी :-- धर्मस्थलों में प्रवेश को लेकर नियम और व्यवस्थाएँ समय-समय पर चर्चा का विषय बनती रही हैं, लेकिन यदि इन्हें व्यापक दृष्टि से देखा जाए तो स्पष्ट होता…
तांत्रिक” शब्द तंत्र से बना है, जिसका अर्थ है “एक प्रणाली” या “मार्ग।”

तांत्रिक” शब्द तंत्र से बना है, जिसका अर्थ है “एक प्रणाली” या “मार्ग।”

"तांत्रिक" शब्द तंत्र से बना है, जिसका अर्थ है "एक प्रणाली" या "मार्ग।" तांत्रिक वह व्यक्ति है जो इस प्रणाली के माध्यम से ऊर्जा, चेतना और ब्रह्मांडीय शक्तियों को समझने…