अद्वैत वेदांत के प्रणेता, सनातन संस्कृति के पुनरुत्थानकर्ता, देश के चार कोनों पर चार पीठों की स्थापना करने वाले जगद्गुरु आदि शंकराचार्य। भारतीय दार्शनिक परम्परा में अद्वैत वेदान्त वह सर्वोच्च…
मनोज_जोशी :-- धर्मस्थलों में प्रवेश को लेकर नियम और व्यवस्थाएँ समय-समय पर चर्चा का विषय बनती रही हैं, लेकिन यदि इन्हें व्यापक दृष्टि से देखा जाए तो स्पष्ट होता…
"तांत्रिक" शब्द तंत्र से बना है, जिसका अर्थ है "एक प्रणाली" या "मार्ग।" तांत्रिक वह व्यक्ति है जो इस प्रणाली के माध्यम से ऊर्जा, चेतना और ब्रह्मांडीय शक्तियों को समझने…
अद्वैत वेदांत के प्रणेता, सनातन संस्कृति के पुनरुत्थानकर्ता, देश के चार कोनों पर चार पीठों की स्थापना करने वाले जगद्गुरु आदि शंकराचार्य। भारतीय दार्शनिक परम्परा में अद्वैत वेदान्त वह सर्वोच्च…
मनोज_जोशी :-- धर्मस्थलों में प्रवेश को लेकर नियम और व्यवस्थाएँ समय-समय पर चर्चा का विषय बनती रही हैं, लेकिन यदि इन्हें व्यापक दृष्टि से देखा जाए तो स्पष्ट होता…
"तांत्रिक" शब्द तंत्र से बना है, जिसका अर्थ है "एक प्रणाली" या "मार्ग।" तांत्रिक वह व्यक्ति है जो इस प्रणाली के माध्यम से ऊर्जा, चेतना और ब्रह्मांडीय शक्तियों को समझने…
देवी त्रिपुर सुंदरी को समर्पित एक स्तोत्र (स्तोत्र) है, जिसमें देवी के आठ श्लोक (श्लोक) हैं। यह अष्टकम देवी की सुंदरता, शक्ति और कृपा का वर्णन करता है…
॥ वेदाङ्गों का स्वरूप एवं महत्त्व ॥ वेद सनातन ज्ञान के मूल स्रोत हैं, परन्तु उनके सही अध्ययन, संरक्षण और व्यवहार के लिए जिन सहायक शास्त्रों की व्यवस्था की…