भारत की आत्मा में बसे सनातन धर्म के महान ग्रन्थ — रामायण, महाभारत, श्रीमद् भागवत, वेद, उपनिषद्, पुराण और गीता — केवल पुस्तकें नहीं हैं। ये लोकमानस के सखा…
_*।। श्रीमद्भगवद्गीता ।। वास्तव में समता ही तत्त्व है। गीता में कहा है— इहैव तैर्जितः सर्गो येषां साम्ये स्थितं मनः। ( गीता १४/२५ ) अर्थात् जिनका मन समता में…
भारत की आत्मा में बसे सनातन धर्म के महान ग्रन्थ — रामायण, महाभारत, श्रीमद् भागवत, वेद, उपनिषद्, पुराण और गीता — केवल पुस्तकें नहीं हैं। ये लोकमानस के सखा…
_*।। श्रीमद्भगवद्गीता ।। वास्तव में समता ही तत्त्व है। गीता में कहा है— इहैव तैर्जितः सर्गो येषां साम्ये स्थितं मनः। ( गीता १४/२५ ) अर्थात् जिनका मन समता में…
_ समय के साथ व्यक्ति बदलता है, परन्तु जीवन मूल्य नहीं। दायरे और दिशाएं बदलती हैं, मगर आदर्श एवं उद्देश्य नहीं। संवेदनशीलता में करुणा, संतुलन, धैर्य और विवेक का…