_*।। श्रीमद्भगवद्गीता ।। वास्तव में समता ही तत्त्व है। गीता में कहा है— इहैव तैर्जितः सर्गो येषां साम्ये स्थितं मनः। ( गीता १४/२५ ) अर्थात् जिनका मन समता में…
_ समय के साथ व्यक्ति बदलता है, परन्तु जीवन मूल्य नहीं। दायरे और दिशाएं बदलती हैं, मगर आदर्श एवं उद्देश्य नहीं। संवेदनशीलता में करुणा, संतुलन, धैर्य और विवेक का…
_*।। श्रीमद्भगवद्गीता ।। वास्तव में समता ही तत्त्व है। गीता में कहा है— इहैव तैर्जितः सर्गो येषां साम्ये स्थितं मनः। ( गीता १४/२५ ) अर्थात् जिनका मन समता में…
_ समय के साथ व्यक्ति बदलता है, परन्तु जीवन मूल्य नहीं। दायरे और दिशाएं बदलती हैं, मगर आदर्श एवं उद्देश्य नहीं। संवेदनशीलता में करुणा, संतुलन, धैर्य और विवेक का…
आपातकाल में सबसे अधिक दबाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर था। संघ पर प्रतिबंध लगा। सभी प्रमुख प्रचारक और दायित्ववान अधिकारी या तो गिरफ्तार हुये अथवा भूमिगत रहकर समाज…
*मनोज जोशी* *आज* ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक और आद्य सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की पुण्यतिथि है। उन्हें सादर नमन करते हुए मन…