देश के सर्वोच्‍च सदन में उठती समान शिक्षा की पुकार

  डॉ. मयंक चतुर्वेदी: भारत का संविधान अपने मूल में एक ऐसे समाज की परिकल्पना करता है जहाँ प्रत्येक नागरिक को समान अवसर प्राप्त हों और वह अपने सामर्थ्य के…