वेदों में बलिप्रथा

  आज कल बहुत से लोग ऑडियो और वीडियो तथा बातचीत में यह बताने का प्रयास करते है कि बलि प्रथा या मांस भक्षण वेदकाल से होता रहा है। जानकारी…

जीवन और मृत्यु को अलग मत कीजिए, वो एक ही साँस के दो नाम हैं:

हम अक्सर देखते हैं कि हमारी जिंदगी एक लगातार चलने वाले झगड़े की तरह बन गई है। सुबह से शाम तक, साल दर साल, बस एक संघर्ष चलता रहता है।…
जो खुद को अज्ञानी नहीं मानता, वही सबसे बड़ा अज्ञानी है:

जो खुद को अज्ञानी नहीं मानता, वही सबसे बड़ा अज्ञानी है:

हमने हमेशा सुना है कि साधना करो, ध्यान करो, योग करो, तप करो। और फिर हम करने भी लगते हैं। सुबह उठकर एक घंटा बैठते हैं, मंत्र दोहराते हैं, साँस…
जगद्गुरु आदि शंकराचार्य:अद्वैत वेदांत के प्रणेता, सनातन संस्कृति के पुनरुत्थानकर्ता,

जगद्गुरु आदि शंकराचार्य:अद्वैत वेदांत के प्रणेता, सनातन संस्कृति के पुनरुत्थानकर्ता,

अद्वैत वेदांत के प्रणेता, सनातन संस्कृति के पुनरुत्थानकर्ता, देश के चार कोनों पर चार पीठों की स्थापना करने वाले जगद्गुरु आदि शंकराचार्य। भारतीय दार्शनिक परम्परा में अद्वैत वेदान्त वह सर्वोच्च…
Geeta

अभिमन्यु:- चक्रव्यूह की mystical यात्रा और अपूर्णता की पूर्णता ( भाग – 02)

    प्रत्येक मनुष्य इस संसार में एक चक्रव्यूह में प्रवेश करता है जिसका नाम है — जीवन। उसे प्रवेश की विधि पता होती है — जन्म। किन्तु निकास का…
तांत्रिक” शब्द तंत्र से बना है, जिसका अर्थ है “एक प्रणाली” या “मार्ग।”

तांत्रिक” शब्द तंत्र से बना है, जिसका अर्थ है “एक प्रणाली” या “मार्ग।”

"तांत्रिक" शब्द तंत्र से बना है, जिसका अर्थ है "एक प्रणाली" या "मार्ग।" तांत्रिक वह व्यक्ति है जो इस प्रणाली के माध्यम से ऊर्जा, चेतना और ब्रह्मांडीय शक्तियों को समझने…
त्रिपुरसुन्दरिअष्टकम्:देवी त्रिपुर सुंदरी को समर्पित एक स्तोत्र

त्रिपुरसुन्दरिअष्टकम्:देवी त्रिपुर सुंदरी को समर्पित एक स्तोत्र

    देवी त्रिपुर सुंदरी को समर्पित एक स्तोत्र (स्तोत्र) है, जिसमें देवी के आठ श्लोक (श्लोक) हैं। यह अष्टकम देवी की सुंदरता, शक्ति और कृपा का वर्णन करता है…
वेदाङ्गों का स्वरूप एवं महत्त्व ॥

वेदाङ्गों का स्वरूप एवं महत्त्व ॥

॥ वेदाङ्गों का स्वरूप एवं महत्त्व ॥   वेद सनातन ज्ञान के मूल स्रोत हैं, परन्तु उनके सही अध्ययन, संरक्षण और व्यवहार के लिए जिन सहायक शास्त्रों की व्यवस्था की…
अभिमन्यु:- चक्रव्यूह की mystical यात्रा और अपूर्णता की पूर्णता

अभिमन्यु:- चक्रव्यूह की mystical यात्रा और अपूर्णता की पूर्णता

  अभिमन्यु को चक्रव्यूह के सात द्वार खोलने थे। अभिमन्यु के भी सात आयाम हैं जो अभिमन्यु के जीवन को एक mystical यात्रा के रूप में परिभाषित करते हैं —…

अनुभवों में छिपा सुख

_ सुख वस्तुओं के एकत्रीकरण में नहीं बल्कि अनुभूति में है। यदि आप अनुभव कर सकते हैं तभी सुख के मायने हैं। अनुभति जितनी अधिक गहरी होती है सुख का…