Posted infeatured आलेख देश के सर्वोच्च सदन में उठती समान शिक्षा की पुकार डॉ. मयंक चतुर्वेदी: भारत का संविधान अपने मूल में एक ऐसे समाज की परिकल्पना करता है जहाँ प्रत्येक नागरिक को समान अवसर प्राप्त हों और वह अपने सामर्थ्य के… Posted by Madhya Uday April 4, 2026
Posted infeatured धर्म अनुभवों में छिपा सुख _ सुख वस्तुओं के एकत्रीकरण में नहीं बल्कि अनुभूति में है। यदि आप अनुभव कर सकते हैं तभी सुख के मायने हैं। अनुभति जितनी अधिक गहरी होती है सुख का… Posted by Madhya Uday April 1, 2026