video: जीतू पटवारी को बेंगलुरू पुलिस ने हिरासत में लिया,कांग्रेस की घेरेबंदी के बाद छोड़ा

 

 

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी और हाट पिपलिया विधायक मनोज चौधरी के पिता नारायण चौधरी को बंगलूरू में पुलिस ने हिरासत में लिया है। जानकारी मिल रही है कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट भी की है। कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी के साथ पुलिस द्वारा मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ, बंगलुरू में कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक ने इस घटना को लेकर भाजपा पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है। एक जानकारी यह भी मिल रही है कि कांग्रेस की घेरेबंदी के बाद पुलिस ने जीतू पटवारी और उनके साथ मौजूद विधायक को छोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि जीतू पटवारी नारायण चौधरी को लेकर विधायक मनोज चौधरी से मुलाकात करने गए थे। इसी बीच यह विवाद हुआ है।

क्या दोस्तों से मिलना गुनाह है?
रिसॉर्ट में पटवारी और लाखन की पुलिस अधिकारियों से धक्का-मुक्की हुई थी। दोनों नेता यहां ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के विधायकों से मिलने पहुंचे थे। जीतू पटवारी ने हिरासत से छूटने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि क्या दोस्तों से मिलना गुनाह है? वहीं, कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने आरोप लगाया है कि मंत्री पटवारी के साथ मारपीट की गई।

भावनात्मक दबाव डालकर विधायकों से फोन ले लिए गए- पटवारी

जीतू पटवारी ने कहा- कांग्रेस के कुछ विधायक हमसे मिलना चाहते थे। यहां पर मेरे चचेरे भाई मनोज चौधरी को भी रखा गया है। मैं अपने भाई से यहां मिलने आया, लेकिन हमें रोका गया। हम अपने दोस्तों से मिलना चाहते हैं तो क्या यह गुनाह है? क्यों नहीं मिलने दिया जा रहा है? भला हो शिवकुमारजी का, उन्होंने हमें पुलिस की गिरफ्तारी से बचाया। इन विधायकों ने 15 साल तक संघर्ष किया। उन पर भावनात्मक दबाव डालकर फोन ले लिए गए। भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है। सिंधिया राज्यसभा जाएंगे, मंत्री बन जाएंगे, लेकिन इस्तीफा देने वाले विधायकों का क्या होगा? मेरे साथी विधायकों की वेदना मैं समझ सकता हूं।

9-10 विधायकों को मनाने में कामयाब हो गए थे जीतू- कांग्रेस

कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने आरोप लगाया है कि तन्खा ने कहा कि पटवारी के साथ बेंगलुरु में ठहरे विधायक मनोज चौधरी के पिता भी थे। मनोज चौधरी को अपने पिता से भी मिलने नहीं दिया गया। चौधरी पर भाजपा ने दबाव बनाया हुआ है। हम इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस भाजपा के दबाव में काम कर रही है। पटवारी 9-10 विधायकों को भाजपा का साथ छोड़ने पर राजी कर चुके थे। लेकिन, भाजपा के दबाव में काम कर रही पुलिस ने मंत्रियों के साथ बदसलूकी की और उन्हें हिरासत में ले लिया।

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