त्रिपुरसुन्दरिअष्टकम्:देवी त्रिपुर सुंदरी को समर्पित एक स्तोत्र

त्रिपुरसुन्दरिअष्टकम्:देवी त्रिपुर सुंदरी को समर्पित एक स्तोत्र

    देवी त्रिपुर सुंदरी को समर्पित एक स्तोत्र (स्तोत्र) है, जिसमें देवी के आठ श्लोक (श्लोक) हैं। यह अष्टकम देवी की सुंदरता, शक्ति और कृपा का वर्णन करता है…
वेदाङ्गों का स्वरूप एवं महत्त्व ॥

वेदाङ्गों का स्वरूप एवं महत्त्व ॥

॥ वेदाङ्गों का स्वरूप एवं महत्त्व ॥   वेद सनातन ज्ञान के मूल स्रोत हैं, परन्तु उनके सही अध्ययन, संरक्षण और व्यवहार के लिए जिन सहायक शास्त्रों की व्यवस्था की…
ऋतुचर्या :- मौसम अनुसार आहार-विहार , क्या खाएं, क्या न खाएं

ऋतुचर्या :- मौसम अनुसार आहार-विहार , क्या खाएं, क्या न खाएं

    वसन्त ऋतु ( चैत्र-वैशाख )   *खाएं:- पुराने जौ, गेहूं, मूंग, मसूर, चने की दालें, मूली, घीय, गाजर, बथुआ, चौलाई, परवल, सरसों, मेथी, पालक, धनिया, अदरक, शहद, फलों…
अभिमन्यु:- चक्रव्यूह की mystical यात्रा और अपूर्णता की पूर्णता

अभिमन्यु:- चक्रव्यूह की mystical यात्रा और अपूर्णता की पूर्णता

  अभिमन्यु को चक्रव्यूह के सात द्वार खोलने थे। अभिमन्यु के भी सात आयाम हैं जो अभिमन्यु के जीवन को एक mystical यात्रा के रूप में परिभाषित करते हैं —…