तांत्रिक” शब्द तंत्र से बना है, जिसका अर्थ है “एक प्रणाली” या “मार्ग।”

तांत्रिक” शब्द तंत्र से बना है, जिसका अर्थ है “एक प्रणाली” या “मार्ग।”

“तांत्रिक” शब्द तंत्र से बना है, जिसका अर्थ है “एक प्रणाली” या “मार्ग।”

तांत्रिक वह व्यक्ति है जो इस प्रणाली के माध्यम से ऊर्जा, चेतना और ब्रह्मांडीय शक्तियों को समझने और संतुलित करने का प्रयास करता है। सभी तांत्रिक गलत नहीं होते। तंत्र एक विज्ञान और साधना का मार्ग है,

सकारात्मक तांत्रिक (दक्षिणमार्गी तांत्रिक)

ये तांत्रिक ध्यान, मंत्र साधना, और आध्यात्मिक उन्नति पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इनका उद्देश्य ब्रह्मांडीय ऊर्जा का उपयोग करके आत्मज्ञान प्राप्त करना और दूसरों की मदद करना होता है। ये तांत्रिक किसी भी प्रकार की हानि पहुँचाने या नकारात्मक शक्तियों का प्रयोग नहीं करते।

नकारात्मक तांत्रिक (वाममार्गी तांत्रिक)

ये तांत्रिक तंत्र विद्या का उपयोग अपने स्वार्थ या दूसरों को नुकसान पहुँचाने के लिए करते हैं। वे वशीकरण, मारण, या अन्य प्रकार की नकारात्मक साधनाओं का उपयोग करते हैं। इनका ध्यान सांसारिक लाभ, शक्ति, और भय उत्पन्न करने पर होता है।इस तरह के तांत्रिक तंत्र विद्या की बदनामी का कारण बनते हैं।

तांत्रिकों के प्रति समाज का दृष्टिकोण

कई लोग तंत्र और तांत्रिकों को केवल नकारात्मकता और डर से जोड़ते हैं, क्योंकि कुछ लोग तंत्र विद्या का दुरुपयोग करते हैं,वास्तविक तांत्रिक हमेशा प्राकृतिक संतुलन, चेतना की वृद्धि, और सकारात्मक ऊर्जा के लिए काम करता है।

तांत्रिक का उद्देश्य
आत्मा और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के बीच संबंध स्थापित करना। ऊर्जा और चेतना का उपयोग करके जीवन को बेहतर बनाना।
नकारात्मक ऊर्जाओं का निवारण गलत उद्देश्यों के लिए उपयोग की जा रही ऊर्जाओं को रोकना।

तंत्र विद्या स्वयं एक गूढ़ विज्ञान है, और इसका उपयोग व्यक्ति के इरादे पर निर्भर करता है। Gun गलत नहीं होती उसका इस्तेमाल करने वाले के विचार सही गलत होते है इससे आप रक्षा भी कर सकते है और जान भी ले सकते….. ये भी जरूरी नहीं की काले या लाल कपड़े पहनने वाला ही तांत्रिक हो सकता है कोट पेंट पहन कर ऑफिस में काम करने वाला भी एक अच्छा और बुरा तांत्रिक हो सकता है तांत्रिक वो है जिसे तंत्र का ज्ञान है और ऊर्जाओं को कैसे कण्ट्रोल करते हैं आता है यहाँ ऊर्जा का मतलब सिर्फ भूत प्रेत आदि से ना लें वो हर तरह की ऊर्जा को कण्ट्रोल कर सकता है जैसे अग्नि वायु शरीर में बहने वाली ब्रम्हांडीय ऊर्जा…