सूर्य नारायण की पूजा से संसार का हर सुख प्राप्त होता है

सूर्य नारायण की पूजा से संसार का हर सुख प्राप्त होता है। पंच प्रमुख महाशक्तियों में भगवान सूर्य नारायण का महत्वपूर्ण स्थान है उनके बिना इस संसार में जीवन ही…

प्रभु श्री राम की गाथा हमें स्वार्थी नहीं परमार्थी बनाती हैं

  राम कथा मानवता का विद्यालय है। अपने लिये जीने की शिक्षा तो हमें किसी भी विद्यालय से प्राप्त हो जायेगी मगर दूसरों के लिये जीवन जीने की प्रेरणा हमें…

अवांछित लोगों को मंदिरों में प्रवेश क्यों नहीं करने देना चाहिए?

-------- यदि तुम किसी हिंदू मंदिर में गए हो तो वहां तुमने गर्भ—गृह का नाम सुना होगा। मंदिर के अंतरस्थ भाग को गर्भ कहते हैं। शायद तुमने ध्यान न दिया…

5 पवित्र कन्याओं का रहस्य

*#पंचकन्या_महारत्ने महापातक_नाशनम् *   #_5_पवित्र_कन्याओं_का_रहस्य   पुराणानुसार पांच स्त्रियां विवाहिता होने पर भी कन्याओं के समान ही पवित्र मानी गई है। अहिल्या, द्रौपदी, कुन्ती, तारा और मंदोदरी।   एक प्राचीन…

माँ सिध्दिदात्री:नवरात्र का नवम दिवस माता का नौवां स्वरूप

माँ दुर्गाजी की नवीं शक्ति का नाम सिध्दिदात्री है | ये सभी प्रकार की सिध्दियों को देने वाली है | मार्कन्डेयपुराण के अनुसार अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व…

नवरात्र का षष्ठम दिवस माता का छठा स्वरूप – माँ कात्यायनी

  माँ दुर्गाजी के छठवें स्वरूप का नाम कात्यायनी है | इनका कात्यायनी नाम पड़ने की कथा इस प्रकार है – कत नामक एक प्रसिध्द महर्षि थे | उनके पुत्र…

कास का फूलना वर्षा ऋतु की बुढ़ौती का संकेत है।

  ( कांस के फूल उस संधि-सेतु का निर्माण करते हैं जिस पर से होकर एक साथ बरसात विदा होती है और शरद ऋतु का आगमन होता है। ) श्रीरामचरितमानस…

शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का साया,

Sharad Purnima 2023: पंचांग के अनुसार अश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। बता दें कि वर्ष 2023 में 28 अक्टूबर, 2023 शनिवार के…

इस बार हाथी पर सवार होकर आ रही हैं मां दुर्गा, जानिए किस बात का है संकेत?

  साल में 4 बार नवरात्रि पड़ती है- माघ, चैत्र, आषाढ़ और आश्विन. आश्विन की नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है. नवरात्रि के वातावरण से तमस…

15 अक्टूबर को गुरु पुष्य योग, नवरात्रि में इन राशियों पर रहेगी मां दुर्गा की असीम कृपा

   15 अक्टूबर को गुरु-पुष्य योग का शुभ आगमन होता है. 27 नक्षत्रों में से, पुष्य नक्षत्र को सबसे अधिक सम्मान प्राप्त है, जिसे अक्सर सभी नक्षत्रों का "राजा" कहा…