अनुभवों में छिपा सुख

_ सुख वस्तुओं के एकत्रीकरण में नहीं बल्कि अनुभूति में है। यदि आप अनुभव कर सकते हैं तभी सुख के मायने हैं। अनुभति जितनी अधिक गहरी होती है सुख का…

पवित्र और परमात्स्वरूप नर्मदेश्वर शिवलिंग

    नर्मदा नदी से निकलने वाले शिवलिंग को ‘नर्मदेश्वर’ कहते हैं। यह घर में भी स्थापित किए जाने वाला पवित्र और चमत्कारी शिवलिंग है; जिसकी पूजा अत्यन्त फलदायी है।…
Geeta

‘कामदा एकादशी’ ब्रह्महत्या आदि पापों तथा पिशाचत्व आदि दोषों का नाश करने वाली है

_*।। कामदा एकादशी ।।*_   चैत्र शुक्ल पक्ष में *कामदा* नाम की एकादशी होती है। कहा गया है कि ‘कामदा एकादशी’ ब्रह्महत्या आदि पापों तथा पिशाचत्व आदि दोषों का नाश…
दुर्गासप्तशती ( आध्यात्मिक विवेचना ) भाग – 02

दुर्गासप्तशती ( आध्यात्मिक विवेचना ) भाग – 02

  ( धूम्रलोचन प्रसंग ) भाग - 02   गत पोस्ट से आगे... यह क्रम पितृसत्तात्मक शक्ति-संरचनाओं से भयावह सटीकता से मेल खाता है। शुम्भ पुरुष-प्रधान संप्रभुता का प्रतीक है,…

दुर्गासप्तशती ( आध्यात्मिक विवेचना)

( धूम्रलोचन प्रसंग ) *भगा - 01* धूम्रलोचन - जिसकी आँखों में धुँआ हो या जो स्वयं आँखों में धुँए की तरह हो। लिथुआनियाई भाषा में Akis apdumti शब्द चलता…

सिद्धियाँ क्या होती हैं? विस्तृत व्याख्या

    दोस्तों, आज हम बात करेंगे एक बहुत ही गहरे और रहस्यमय विषय पर - सिद्धियाँ। यह शब्द सुनते ही हमारे मन में चमत्कार, जादू, अलौकिक शक्तियों के चित्र…

श्रीरामचरितमानस में तीन जगह मोह, विषाद को दूर करने के लिए गीता कही गई है

      पहला संवाद लक्ष्मण और निषादराज गुह के मध्य होता है। दूसरा भगवान राम और विभीषण के बीच ( इन दोनों संवाद पे पहले लिखा जा चुका हैं…
महृर्षि वेदव्यास ने 18 पुराणों का संस्कृत भाषा में संकलन किया,

महृर्षि वेदव्यास ने 18 पुराणों का संस्कृत भाषा में संकलन किया,

  🕉 मानव इतिहास पुराण   पुराण शब्द का अर्थ है प्राचीन कथा। पुराण विश्व साहित्य के प्रचीनत्म ग्रँथ हैं। उन में लिखित ज्ञान और नैतिकता की बातें आज भी…
काश्याम् मरणान् मुक्ति:

काश्याम् मरणान् मुक्ति:

काश्याम् मरणान् मुक्ति:   “असारे खलु संसारे सारमेतच्चतुष्टयम् । काशी वास: सतां सङ्गो गङ्गाम्भ: शिवपूजनम् ।।”   इस असार संसार में चार वस्तुएं सार है काशीवास, सत्संग, गङ्गाजल का सेवन…