
जगतपुरा में स्वदेशी जागरण मंच की तीन दिवसीय ‘राष्ट्रीय परिषद बैठक’ का शुभारंभ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया.
: जयपुर : ‘स्वामी विवेकानंद ने कहा था 21वीं सदी भारत की होगी, कहने वाले नरेंद्र थे और आज एक नरेंद्र इसे पूरा करके दिखा रहा है. आज दुनिया भर के देश भारत की तरफ देख रहे हैं. भारत अर्थव्यवस्था में चौथे पायदान पर है, ब्रिटेन-जापान जैसे देश भारत से पीछे हैं. बहुत जल्द भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा और उसमें स्वदेशी सबसे बड़ी ताकत होगी’. ये कहना है मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का. शुक्रवार को जगतपुरा में स्वदेशी जागरण मंच के उद्यमी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बात कही.
दुनिया की महाशक्ति बनेगा भारत : राजधानी जयपुर शुक्रवार को ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प का साक्षी बना. जगतपुरा में स्वदेशी जागरण मंच की तीन दिवसीय ‘राष्ट्रीय परिषद बैठक’ का शुभारंभ खुद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का उद्घाटन कर स्वदेशी उत्पादों और नवाचारों का अवलोकन भी किया. साथ ही कहा कि स्वदेशी हमारी संस्कृति का हिस्सा है और ये हमारी सनातन परंपरा है. स्वदेशी की इसी ताकत से भारत देश आत्मनिर्भर बनने के साथ ही दुनिया की महाशक्ति बनेगा.
Madhyauday: भारत उपभोक्ता से उत्पादक बना :सीएम ने कहा कि स्वदेशी और स्वावलंबन भारत की आत्मा में हजारों वर्षों से समाए हुए हैं. सदियों पहले जब यूरोप के देश व्यापार के नाम पर दुनिया में भटक रहे थे तब भारत के मुर्शिदाबाद की मलमल, बनारस का रेशम, राजस्थान की लहरिया और बंधेज पूरी दुनिया के बाजारों की शान थे. उन्होंने कहा कि इसी पहचान और आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी जागरण मंच लगातार परिश्रम कर रहा है. पीएम मोदी ने भारत को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए मेक इन इंडिया, मेक फॉर वर्ल्ड का उद्घोष कर पुनर्जागरण का आह्वान किया. कोरोना के समय देश ने दुनिया के कई देशों को दवाइयां और वैक्सीन भेजी. इसने भारत को उपभोक्ता से उत्पादक बनाने का कार्य किया था
] Madhyauday: कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बना देश : वहीं, भजनलाल शर्मा ने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच के सहयोग और कार्यों से देश आत्मनिर्भरता में आगे बढ़ रहा है. आज भारत रक्षा क्षेत्र से लेकर सेमीकंडक्टर निर्माण में आत्मनिर्भर बन रहा है. यह प्रधानमंत्री की नीतियों, दृढ़ इच्छाशक्ति और देशवासियों की मेहनत का ही फल है. बड़े उद्योगों के साथ ही छोटे और स्थानीय उद्यमियों से आत्मनिर्भरता आती है. यही स्वदेशी की आत्मा और ग्रामोद्योग की ताकत है. स्थानीय उत्पादों की खरीददारी से उस उत्पाद से जुड़ी पूरी शृंखला को सहारा मिलता है. उनकी सरकार ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए पंच गौरव कार्यक्रम लागू किया है
उन्होंने कहा कि प्रदेश की हस्तशिल्प कला भी हमारी पहचान है, जिसके उत्पादों की विश्व में मांग है. वहीं, किले, महल, अभ्यारण्य और मंदिरों से हमारा पर्यटन क्षेत्र निरंतर प्रगति कर रहा है. यही नहीं राज्य सरकार ने अपने पहले वर्ष में ही राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया, जिसके तहत 35 लाख करोड़ रुपए के निवेश एमओयू हुए. इनमें से 8 लाख करोड़ रुपए के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है.
इससे पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों को सम्मानित किया. इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संयोजक आर. सुंदरम, राष्ट्रीय संगठक कश्मीरी लाल, अखिल भारतीय महिला प्रमुख अर्चना मीणा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जयपुर प्रांत के संघचालक महेन्द्र सिंह मग्गो सहित प्रबुद्धजन उपस्थित रहे. इस दौरान विभिन्न वक्ताओं ने डब्लूटीओ के असमान समझौतों और भारत की आर्थिक स्वतंत्रता की रक्षा पर अपनी बात रखी.
