सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने वक्फ बिल का किया समर्थन, कहा- सांसद इमरान मसूद और ओवैसी को भेजूंगा मानहानि का नोटिस

 

 

 

अजमेर : अजमेर दरगाह के दीवान सैयद जैनुअल आबेद्दीन के उत्तराधिकारी और ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन के चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने वक्फ संशोधन बिल 2024 की हिमायत करते हुए बिल को मुसलमानों के हित में माना. उन्होंने कहा कि बिल में संशोधन से वक्फ की संपत्तियां सुरक्षित रहेंगी. वहीं, वक्फ भ्रष्टाचार भी रुकेगा. चिश्ती ने कहा कि वक्फ का विरोध कर रहे लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उन्हें मुसलमानों के जज्बातों को भड़काना नहीं चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि वे जल्द ही कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद और ओवैसी के खिलाफ मानहानि का नोटिस भेजेंगे.

 

दरगाह दीवान के उत्तराधिकारी और ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन के चेयरमैन सय्यद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि वक्फ में संशोधन हो, इसको लेकर काफी लोगों को इंतजार था. वक्फ संशोधन बिल 2024 बेहतर बिल होगा और मुसलमान और वक्फ की संपत्तियों के हित में होगा. इसके अलावा इसमें पारदर्शिता भी आएगी. वहीं, वक्फ की संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए बिल होगा. वक्फ की आड़ में हो रहे भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा. चिश्ती ने कहा कि उम्मीद है कि पार्लियामेंट में बिल को लेकर अच्छी बहस होगी. पक्ष और विपक्ष लोकतंत्र का हिस्सा हैं, जो भी विरोध कर रहे हैं वह लोकतांत्रिक तरीके से करें. यह उनका अधिकार है, लेकिन बिल के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है कि दरगाहे, मज्जिदें और इमामबाड़े छीन जाएंगे, यह सरासर गलत है. विरोध कर रहे कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि वक्फ में सरकार दखल और बढ़ जाएगा.

 

उन्होंने कहा कि सन 1994 में जब एक्ट बना और समय-समय पर इसमें संशोधन भी हुआ. वक्फ में सरकार का दखल रहेगा. सरकार ही राजनीतिक नियुक्तियां भी करती है. वक्फ का अध्यक्ष भी सरकार की ओर से बनाया जाता है. सीईओ भी सरकार का मुलाजिम होता है. यह सभी प्रशासनिक व्यवस्था है. इसमें वक्फ में कोई दखल नहीं है. वक्फ शरीयत का मसला है. वक्फ की संपत्तियों का किस तरह से प्रबंधन हो और उसके इंतजाम कैसे हो इसके लिए पूरा एक सिस्टम है. इसके तहत ही वक्फ बोर्ड आया. यह वक्फ की मैनेजमेंट बॉडी है, जिसमें संशोधन हो रहा है.

 

सांसद ओवैसी और इमरान मसूद को भेजूंगा नोटिस : सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि सांसद ओवैसी और इमरान मसूद उनपर अर्नगल आरोप लगा रहे और अमर्यादित भाषा बोल रहे. ‘मुझे सरकारी मुलाजिम कहा जा रहा है. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि सरकार मुझे 2 करोड़ रुपए वेतन दे रही है. मैं उनको चुनौती देता हूं कि वह इस बात को साबित करें’. उन्होंने कहा कि सांसद ओवैसी और इमरान मसूद को मानहानि का नोटिस भेजूंगा. दोनों ही कौम को गुमराह कर रहे. वह उनके बारे में ही लोगों को गुमराह कर रहे हैं तो वक्फ संशोधन बिल 2024 को लेकर भी लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

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