नागपुर: महाराष्ट्र पुलिस और साइबर पुलिस नागपुर हिंसा के आरोपियों का पता चलाने लगाने में जुटे हैं. फहीम खान के एक और आरोपी की पहचान की की गई है. साइबर पुलिस उपायुक्त लोहित मतानी ने बताया कि फहीम खान नागपुर हिंसा के मास्टरमाइंडों में से एक है. उन्होंने कहा कि फहीम खान समेत 6 आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है.
अधिकारी ने बताया कि पुलिस को इस बात के सबूत मिले हैं कि मुगल शासक औरंगजेब की कब्र हटाने के समर्थन में विरोध प्रदर्शन के दौरान सोमवार रात नागपुर में भड़की हिंसा का मास्टरमाइंड फहीम खान ही है. इसीलिए पुलिस ने मुख्य मास्टरमाइंड फहीम शमीम खान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 152 के तहत मामला दर्ज किया है.बता दें कि देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता के लिए खतरा पैदा करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 152 के तहत मामला दर्ज किया जाता है.
उन्होंने बताया कि सोमवार रात नागपुर में हुई हिंसा के आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले 50 लोगों के खिलाफ नागपुर साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है. हिंसा भड़काने वाले 172 वीडियो साइबर पुलिस को मिले हैं. उसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. पुलिस ने 230 सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की है, जिनसे हिंसा के कई आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित किए गए हैं.पुलिस अधिकारी ने कहा कि वीडियो वायरल करने वालों को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और आरोपियों की संख्या बढ़ने की संभावना है.
हिंसा के पीछे बांग्लादेशी कनेक्शन
रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को इस बात के सबूत मिले हैं कि नागपुर में हुई हिंसा के पीछे बांग्लादेशी कनेक्शन है. पुलिस को कुछ ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स मिले हैं, जिनका संबंध बांग्लादेश से बताया जा रहा है. इन अकाउंट्स से वीडियो साझा किए गए थे. इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.नागपुर में 17 मार्च सोमवार को हुई हिंसा के बाद स्थिति तनावपूर्ण है. इसका जन-जीवन पर भी असर पड़ा है. शहर के मुख्य बाजार भी ठप हो गए हैं. गरीबों का रोजगार प्रभावित हुआ है.
शुक्रवार के बाद कर्फ्यू हटाने पर विचार
हिंसा प्रभावित इलाकों में शांति है, लेकिन पुलिस को डर है कि कोई चिंगारी फिर से आग भड़का सकती है. यही वजह है कि पुलिस विभाग कर्फ्यू हटाने को तैयार नहीं है. अभी रमजान का पवित्र महीना चल रहा है. शुक्रवार को जुमे की नमाज भी अदा की जाएगी. बताया जा रहा है कि इसके बाद ही पुलिस कर्फ्यू हटाने पर विचार कर सकेगी.
माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी के पदाधिकारी सैयद आसिम भी चर्चा में आ गए हैं. 2019 में लखनऊ में एक हिंदू नेता की हत्या के मामले में भी यह नाम चर्चा में रहा था. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि नागपुर में हुई हिंसा में सैयद आसिम की भूमिका है या नहीं.