अनुभवों में छिपा सुख

_ सुख वस्तुओं के एकत्रीकरण में नहीं बल्कि अनुभूति में है। यदि आप अनुभव कर सकते हैं तभी सुख के मायने हैं। अनुभति जितनी अधिक गहरी होती है सुख का…