नारी-शक्ति का स्मरण और सांस्कृतिक एकात्मता
मनोज जोशी :- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के संदर्भ में एकात्मता स्तोत्र का यह श्लोक “अरुन्धत्यनसूया च सावित्री जानकी सती द्रौपदी कण्णगी गार्गी मीरा दुर्गावती तथा॥ लक्ष्मीरहल्या चन्नम्मा रुद्रमाम्बा सुविक्रमा निवेदिता…
