बिल्ववृक्ष का रहस्य: भगवान शिव का साक्षात स्वरूप

 

(बेल के पेड़ के नीचे करें ये उपाय, पाएं अपार लाभ)

 

परिचय

 

बिल्ववृक्ष (बेल का पेड़) भगवान शिव का साक्षात स्वरूप माना गया है। शिव पुराण और वनस्पति शास्त्र में इसका विस्तृत महात्म्य वर्णित है। इस वृक्ष में स्वयं भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव) तीनों का वास होता है। इसकी सेवा और पूजा से व्यक्ति को अपार लक्ष्मी की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।

 

बिल्ववृक्ष की महिमा

 

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2. 68 तीर्थों का फल: इस वृक्ष की एक प्रदक्षिणा (परिक्रमा) करने से व्यक्ति को 68 तीर्थों के दर्शन और स्नान का पुण्य प्राप्त होता है।

3. पापों का नाश: जानबूझकर किए गए जीव हिंसा के पाप भी इस वृक्ष के पास जाने और इसकी उपासना करने से नष्ट हो जाते हैं।

4. अक्षय फल: इस वृक्ष के नीचे बैठकर कोई भी अनुष्ठान, जप या तप करने से उसका फल अक्षय (कभी न खत्म होने वाला) हो जाता है।

5. दान का महत्व: बिल्ववृक्ष के नीचे किया गया दान कई जन्मों के संचित पापों का नाश कर देता है।

 

स्पर्श और दर्शन के लाभ

 

1. स्पर्श मात्र से पाप नाश: इस पवित्र वृक्ष को छूने मात्र से ही मनुष्य के सभी पाप धुल जाते हैं।

2. दर्शन का पुण्य: केवल इसके दर्शन करने से भी व्यक्ति को उतना ही पुण्य मिलता है जितना किसी तीर्थयात्रा से मिलता है।

3. शिव पुराण पारायण: इस वृक्ष के नीचे बैठकर शिव पुराण का पाठ करने या “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करने से अपार पुण्य की प्राप्ति होती है।

4. जल अर्पण: बिल्ववृक्ष की जड़ में जल चढ़ाने से शिवलिंग का अभिषेक करने के बराबर पुण्य मिलता है।

 

घर में बिल्ववृक्ष होने के फल

 

1. मोक्ष की प्राप्ति: यदि किसी के घर के आंगन में बिल्ववृक्ष होता है, तो उसका मोक्ष निश्चित माना गया है। भगवान शिव की विशेष कृपा उस पर बनी रहती है।

2. ऋषि पद की प्राप्ति: इस वृक्ष के नीचे मिट्टी का शिवलिंग बनाकर 16,000 बार पूजा करने से व्यक्ति ऋषि पद को प्राप्त कर लेता है।

3. शिव का निवास: यदि कोई नया शिवलिंग घर में स्थापित करना चाहता है, तो पहले उसे बिल्ववृक्ष के नीचे 16,000 बार पूजा करके उस शिवलिंग को वहाँ से घर लाना चाहिए। ऐसा करने से भगवान शिव उस घर में सदा के लिए निवास करते हैं।

 

दान और यज्ञ के फल

 

1. धन-धान्य में वृद्धि: बिल्ववृक्ष के नीचे बैठकर किसी ब्राह्मण को भोजन कराने से आने वाली कई पीढ़ियों तक घर में धन-धान्य की कमी नहीं रहती।

2. अपार लक्ष्मी: इस वृक्ष के नीचे श्रीसूक्त का यज्ञ या शिव के किसी भी मंत्र का जाप करने से माँ लक्ष्मी की अपार कृपा प्राप्त होती है।

 

विशेष उपाय और उनके फल

 

उपाय फल

बिल्ववृक्ष लगाना (बोना) 1 करोड़ शिवालयों का दान करने जितना पुण्य

वृक्ष के नीचे 3 रात (त्रिरात्रि) क्रिया करना सभी घोर पापों का नाश और शिवलोक की प्राप्ति

वृक्ष के नीचे यज्ञ, जप या कथा करना जीवन में सुख-समृद्धि और शांति

बिल्वाष्टकम का पाठ करना भगवान शिव की विशेष कृपा और सभी मनोरथ सिद होते है ll