आईटीआर फाइलिंग में प्रमुख गलतियां

 

आयकर विवरणी दाखिल करने की जैसे जैसे अंतिम तिथि नजदीक आ रही है – आयकर दाता जल्द से जल्द अपनी विवरणी फाइल करना चाहते हैं, ऐसे में कुछ आम एवं महत्वपूर्ण गलतियां अक्सर हो जाती है जो आयकर नोटिस का कारण बनती है। क्या है ये प्रमुख गलतियां और क्यों ध्यान रखना जरूरी है:

१. आयकर फ़ार्म: आपको यह समझना होगा कि वेतनभोगी के लिए फार्म १, व्यापारिक आय वालों को फ़ार्म ३ या ४ एवं केपिटल गेन, हाउस प्रापर्टी संबंधित के लिए फार्म २ लागू किया गया है। विवरणी दाखिल करते समय फ़ार्म चयन की ग़लती न केवल आपकी विवरणी को रिजेक्ट कर देगी साथ ही आयकर पेनल्टी का भी सामना करना पड़ सकता है।
2. *फार्म २६एएस और एआइएस से आय का मिलान:* कई बार करदाता अपनी आय का मिलान आयकर विभाग द्वारा जारी फार्म २६ एएस और वार्षिक सूचना रिपोर्ट से नहीं करता जिससे आय की सही जानकारी दाखिल नहीं होने से नोटिस का सामना करना पड़ता है।
3. *सभी आय स्त्रोत की जानकारी न देना:* अक्सर करदाता अन्य स्त्रोतों से हुई आय जो कि उसके बैंक खाते में आई है, भले ही वो करमुक्त आय हो लेकिन उसे नहीं दर्शाता है। जब विभाग की जानकारी में आपके बैंक क्रेडिट की जानकारी पहुंचती है तो आपको नोटिस भेजा जाता है और ऐसे में आपके ऊपर आय छुपाने की कार्यवाही की जा सकती है।
4. *छूट के दस्तावेज और असेसमेंट वर्ष:* करदाता द्वारा जो भी छूट आयकर विवरणी में क्लेम की जाती है, उसके दस्तावेज तुरंत रिकॉर्ड में रखना जरूरी है अन्यथा विभाग द्वारा जानकारी मांगने के समय दस्तावेज की उपलब्धता न होना पेनल्टी का कारण बन सकता है। साथ ही करदाता को ध्यान रखना होगा कि असेसमेंट वर्ष एक साल आगे का दर्शाया जाता है – जैसे वित्तीय वर्ष २०२४-२५ की विवरणी के लिए असेसमेंट वर्ष २०२५-२६ कहलाता है।

उपरोक्त होने वाली आम गलतियों को करदाता ध्यान में रखकर विभाग के नोटिस और पेनल्टी से बच सकता है।

*सीए अनिल अग्रवाल जबलपुर

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