नागरिकता संशोधन अधिनियम वापस नहीं लिया जाएगा : भाजपा

 

नई दिल्ली,  लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) से इस देश के किसी नागरिक का कोई लेना-देना नहीं है, इसलिए इसके विरोध का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कानून अब किसी भी सूरत में वापस नहीं लिया जाएगा।

प्रवेश वर्मा ने जैसे ही सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया तो विपक्ष के सदस्यों ने विरोध व्यक्त करते हुए नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। बाद में विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। भाजपा सदस्य को उनके आपत्तिजनक भाषण देने के लिए चुनाव आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी के स्टार प्रचारक की सूची से हटा दिया है। विपक्षी सदस्य चुनाव आयोग के इसी फैसले के मद्देनजर उनका विरोध कर रहे था। वर्मा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि हैरत की बात है कि राजधानी के शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन को यहां के मुख्यमंत्री का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि वे प्रदर्शनकारियों के साथ हैं, जबकि शाहीन बाग में बैठे लोग देशद्रोही नारे लगा रहे हैं।

वर्मा ने कहा कि विपक्षी दलों की सरकारों ने देश में समस्याएं पैदा की जबकि मोदी सरकार ने उनका समाधान खोजा है। अन्य सरकारें राष्ट्रीय महत्व के प्रमुख मुद्दों को टालती रही, जबकि हमारी सरकार ने इनके समाधान के लिए तुरंत कार्रवाई की। प्रवेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद-370, 35ए हटाए जाने के फैसले को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय देश की जनता के भावना के अनुरूप था और इस अनुच्छेद को हटाए जाने के बाद वहां किसी नागरिक की जान नहीं गई है । उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की यह सबसे बड़ी कामयाबी है।

भाजपा सांसद ने कहा कि इस देश मे देश में राम का नाम लेना सांप्रदायिक हो गया था। वर्मा ने सदन में संविधान की प्रति दिखाते हुए कहा कि उनके पास संविधान की असली प्रति है जिसमें राम और सीता की तस्वीर है लेकिन इसे बाद में निकाल दिया गया। इसके अलावा राधा कृष्ण और हनुमान की भी तस्वीर को निकाल दिया गया। उन्होंने कहा कि, इसका क्या अर्थ है कि संविधान भी सांप्रदायिक हो गया। प्रवेश ने कहा कि कुछ दलों का आरोप है कि भाजपा विपक्ष को समाप्त कर देना चाहती है, लेकिन यह आरोप सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद कांग्रेस-शिवसेना में मेलमिलाप बढ़ा। उत्तर प्रदेश में एक दूसरे की ओर न देखने वाली समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने गठजोड़ कर लिया तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह आरोप बेबुनियाद है कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद विपक्ष खत्म हुआ है, बल्कि इसके उलट विपक्ष में भाईचारा बढ़ा है।

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