MP:प्रो. सुमेर सिंह सोलंकी को भाजपा से मिला राज्यसभा टिकट

भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को मप्र प्रदेश से राज्यसभा के लिए अपने दूसरे उम्मीदवार की घोषणा कर दी। भाजपा ने बड़वानी जिले के तहसील पाटी के ग्राम ठान के रहने वाले प्रोफेसर सुमेर सिंह सोलंकी को अपना प्रत्याशी बनाया है। सोलंकी बड़वानी के शहीद भीमा नायक शासकीय महाविद्यालय में प्रोफेसर हैं। वे पूर्व खरगोन-बड़वानी भाजपा सांसद माकन सिंह सोलंकी के भतीजे हैं। वे बचपन से ही आरएसएस से जुड़े हुए हैं। राज्यसभा का टिकट मिलने के बाद पार्टी का आभार मानते हुए कहा कि वे मां भारती की सेवा के लिए हमेशा तैयार हैं।

राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने की सूचना सोलंकी को कॉलेज में ही मिली। इसके बाद उन्होंने अपने पद से त्याग पत्र देते हुए कहा कि मुझ़े सूचना मिली है, मेरी कोई तैयारी तो नहीं थी, लेकिन संगठन ने मुझसे कहा था कि आपको राज्यसभा भेजेंगे। इस पर मैंने उन्हें कहा था कि यदि मुझे मां भारती की सेवा का अवसर मिला तो मैं इसके लिए तैयार हूं। मैं एक शिक्षक हूं, मेरी पार्टी ने मुझे यह अवसर दिया, इसके लिए पार्टी का आभारी हूं। कॉलेज से सीधे वे पार्टी दफ्तर पहुंचे। साेलंकी के अनुसार संभवत: वे शुक्रवार को नामांकन दाखिल करेंगे।

सोलंकी ने पांच सौ गांवों में चलाया स्वच्छता अभियान

साेलंकी शहीद भीमा नायक शासकीय महाविद्यालय बड़वानी के राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक हैं। सोलंकी अध्यापन के साथ ही समाज सेवा में सक्रिय हैं और इन्हें उत्कृष्ट कार्य के लिए कई बार पुरस्कृत किया जा चुका है। डाॅ. साेलंकी लंबे समय से स्वच्छता और अन्य सरकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करते रहे हैं। पिछले छह सालों में उन्होंने 240 गांवों में जागरूकता शिविर आयोजित किए और करीब साढ़े 600 जागरूकता रैली निकाली। इन्होंने सवा 500 गावों में स्वच्छता अभियान के लिए स्वच्छता दूत नियुक्त किए। इसके अलावा करीब डेढ़ सौ गाैरी बंधनों का निर्माण लोगों के सहयोग से करवाया। साेलंकी के मार्गदर्शन में बड़वानी जिले को राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत दो राष्ट्रीय पुरस्कार और चार राज्य स्तरीय पुरस्कार मिल चुका है।

साेलंकी ने इन अभियानों में की भागीदारी
मां नर्मदा स्वच्छता सेवा अभियान, पर्यावरण संरक्षण अभियान, स्वच्छता अभियान, नशामुक्ति अभियान, पल्स पोलिया अभियान, आपदा प्रबंधन अभियान, लोक सेवा अधिनियम के बारे में जागरूकता अभियान, सरकारी योजनाओं को स्थानीय भाषा में अनुवादित कर लोगों को जागरूक किया। धोबड़िया तालाब सौंदर्यीकरण, राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत बगीचे का निर्माण, मतदाता जागरूकता अभियान, स्कूल चले हम अभियान, वृक्षरोपण, सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार, जल-जंगल- जमीन बचाओ अभियान।

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