JNU हिंसा में आया छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष का नाम

नई दिल्ली. जेएनयू हिंसा मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की एसआईटी ने शुक्रवार को जांच से जुड़ी अहम बातें मीडिया में रखीं। डीसीपी जॉय टिर्की ने कहा कि हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत 9 सदस्यों की पहचान कर ली गई है। अभी तक किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा- जल्द ही इन लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आइशी घोष ने कहा- मेरे पास भी सबूत है। लेकिन, उन्होंने यह नहीं बताया कि उनके पास सबूत किस संबंध में हैं।

डीसीपी टिर्की ने कहा- जेएनयू में लेफ्ट से जुड़े 4 संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। ये लोग नियम तोड़ रहे और असुविधा पहुंचा रहे हैं। स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन, ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन, डेमोक्रेटिक स्टूडेंट फेडरेशन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में रविवार रात को हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार शाम को नकाबपोशों की तस्वीरें जारी की हैं. इसमें जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष (Aishe Ghosh) समेत 9 छात्र शामिल हैं. अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए जेएनयूएसयू अध्यक्ष आइशी घोष ने कहा कि दिल्ली पुलिस अपनी जांच कर सकती है. मेरे पास यह दिखाने के लिए सबूत भी हैं कि मुझ पर कैसे हमला किया गया.

जेएनयूएसयू के अध्यक्ष आइशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”मुझे इस देश की कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा है कि जांच निष्पक्ष होगी. मुझे न्याय मिलेगा. लेकिन दिल्ली पुलिस पक्षपात क्यों कर रही है? मेरी शिकायत एफआईआर के रूप में दर्ज नहीं की गई है. मैंने कोई मारपीट नहीं की है.”

पुलिस से नहीं डरते
लेफ्ट समर्थक छात्रा ने कहा, ”हमने कुछ भी गलत नहीं किया है. हम दिल्ली पुलिस से नहीं डरते. हम कानूनी तरीके से लड़ेंगे और अपने आंदोलन को शांति और लोकतांत्रिक तरीके से आगे ले जाएंगे.”

MHRD सकारात्मक हस्तक्षेप करेगा
वहीं, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव अमित खरे से मिलने के बाद जेएनयूएसयू अध्यक्ष ने कहा, ”हमें आश्वासन मिला है कि इस मामले में मानव संसाधन मंत्रालय सकारात्मक हस्तक्षेप करेगा और जल्द ही इस मुद्दे पर एक परिपत्र जारी किया जाएगा.”

कुलपति को तत्काल हटाएं
छात्रसंघ की अध्यक्ष ने कहा, ”हमने एमएचआरडी से मांग की है कि जेएनयू के कुलपति को तत्काल उनके पद से हटा दिया जाना चाहिए, क्योंकि वह विश्वविद्यालय नहीं चला पा रहे हैं. हमें एक नए कुलपति की जरूरत है जो नए सिरे से मदद कर सकें और कैंपस में सामान्य स्थिति लाने में मदद कर सकें.”

बता दें कि एमएचआरडी सचिव अमित खरे ने जेएनयू प्रशासन और जेएनयू के छात्रों के साथ शुक्रवार को बैठक की. इस दौरान एमएचआरडी ने यूजीसी से सेवा और उपयोगिता शुल्क का खर्च वहन करने के लिए कहा, जिससे जेएनयू छात्रों को ये शुल्क नहीं देना पड़ेगा. वहीं, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने यूनिवर्सिटी के छात्रों से अपना आंदोलन वापस लेने की अपील की.

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