भूमि सुपोषण अभियान :
लाखों किसान और खेती से जुड़े लोग गाँव- नगर में करेंगे “धरती माता पूजन” , धरती को रसायन से बचाने का लेंगे संकल्प
कृषि भूमि में रसायन के लगातार और असीम उपयोग के कारण आज देश की अधिकांश कृषि भूमि अपनी उर्वरा क्षमता खो चुकी है, भारत सरकार के एक सर्वेक्षण के अनुसार हमारी कृषि भूमि का 30 प्रतिशत अब अवनत हो चुका है, रसायनों के इस उपयोग को नहीं रोका गया तो “सुजलाम -सुफलाम” कही जाने वाली अपनी भारत भूमि “बंजर” हो जाएगी।
कृषि भूमि के कुपोषित होने पर देशवासियों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव दृष्टिगत हो रहें है। जिन खाद्य पदार्थों के सेवन से बीमारियाँ दूर होती थी वही खाद्य पदार्थ (फल-सब्जी इत्यादि) बीमारी का कारण बन रहें हैं। इसलिए यह अत्यंत आवश्यक है कि “कुपोषित” होती भारत की कृषि भूमि को “सुपोषित” किया जाए, इसका कोई विकल्प भी नहीं है।
“देशव्यापी भूमि सुपोषण अभियान” (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से अक्षय तृतीया तक)
देश की कृषि भूमि के लगातार क्षरण को रोकने और भूमि को सुपोषित करने के लिए देश की प्रमुख सामाजिक संस्थाएँ साथ आकर “भूमि सुपोषण अभियान” प्रारंभ कर रहीं है। यह अभियान प्रतिवर्ष होता है, इस वर्ष यह अभियान 30 मार्च से 30 अप्रैल अर्थात चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) से अक्षय तृतीय तक आयोजित होगा।
भूमि सुपोषण अभियान का उद्देश्य कृषि से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के मन मे भूमि के श्रद्धा के भाव को प्रकट करना है, इसलिए इस दौरान ग्राम-शहर, मंदिर -मठ, विद्यालय-महाविद्यालय, समाज भवन (धर्मशाला), गौशाला, अनाज व फूल मंडियो और खेत जैसी कृषि से जुड़े प्रत्येक स्थान-संस्थान में “भूमि माता पूजन” के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस पूजन के दौरान “गौ माता पूजन” तथा भूमि को रासायनिक उर्वरकों से बचाने के लिए उपस्थित कृषि जन समुदाय संकल्प भी लेगा साथ ही अपने खेत की मेढ पर अधिकाधिक पेड़ लगाना, सिंचाई मे जल के अपवव्य को रोकना, मिट्टी के क्षरण को रोकना जैसे जरूरी संकल्प भी दोहराए जाएंगे।
देश की प्रमुख सामाजिक संस्थाएँ होगी सहभागी
वर्तमान और भावी पीढ़ी के लिए अतीव आवश्यक इस “भूमि सुपोषण अभियान” मे अक्षय कृषि परिवार के साथ देश की प्रमुख संस्थाएँ भी सहभाग करेंगी और लाखों भारतीय इस अभियान में सम्मिलित होंगे।
अभियान में मुख्य रूप से ग्राम विकास,गौसेवा,रामचंद्र मिशन,गायत्री परिवार,ग्राम भारती, किसान संघ,अनेकों प्रांतीय सामाजिक संस्थान एवं ट्रस्ट,FPO,गोशाला आदि प्रमुख संस्था-संस्थान सहभागी होंगे।