सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीश आये स्वाइन फ्लू की चपेट में

नई दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय के पांच न्यायाधीश स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गए हैं। सभी को एहतियात के तौर पर अलग चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है। फरवरी में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। अब तक 150 से ज्यादा स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ चुके हैं।
स्वाइन फ्लू के संक्रमण को रोकने के लिए अब केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मंत्रालय के अनुसार स्वाइन फ्लू के चपेट में आए पांचों न्यायाधीश को अलग चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है। इसके साथ उनके संपर्क में आए सभी लोगों को भी चिकित्सीय निगरानी में रखा जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार उच्चतम न्यायालय परिसर में सीजीएचएस की फर्स्ट एड पोस्ट (एफएपी) को सक्रिय बनाया जा रहा है। अदालत के कमरों और रिहाइशी स्थानों की सफाई सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा ऐसे लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय मंगलवार को बार काउंसिल के कार्यालय में वकीलों और अन्य कर्मचारियों के लिए स्वाइन फ्लू पर कार्यशाला करेगा।
 
क्या है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू यानि एच1एन1 वायरस एक मौसमी संक्रमण है, जो आमतौर पर जनवरी से मार्च और जुलाई से सितम्बर के बीच में सक्रिय होता है। इसमें सर्दी जुखाम जैसे लक्षण होते हैं। इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एडवाइजरी भी जारी की है कि लोग भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचे। खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल से ढक कर रखे, हाथ साबुन व पानी से धोएं, आंखों, नाक, व मुंह को छूने से परहेज करें, खूब पानी पीए, अच्छी नींद लें। स्वाइन फ्लू के लक्षण लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजीदीकी सार्वजनिक स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करें
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