नकली एसटीएफ कर्मचारी एसटीएफ टीम के हत्थे चढ़ा

 

*नकली एसटीएफ कर्मचारी एसटीएफ टीम के हत्थे चढ़ा

एसटीएफ में अस्थाई नौकरी और 13000 वेतन के नाम पर आधा दर्जन युवक-युवतियों को झांसा देकर रुपए वसूले

उज्जैन। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसटीएफ विपिन माहेश्वरी द्वारा एसटीएस इकाइयों को संगठित अपराध अवैध मादक पदार्थ धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों के विरुद्ध कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य में पुलिस अधीक्षक एसटीएफ मनीष खत्री के मार्गदर्शन में एसटीएफ उज्जैन प्रभारी दीपिका शिंदे उप निरीक्षक जे एस परमार की टीम को एसटीएफ में अस्थाई रूप से भर्ती कराने वाले आरोपी को पकड़ने में सफलता प्राप्त हुई है।
मामले में पुलिस अधीक्षक एसटीएफ मनीष खत्री ने बताया शहर के विभिन्न क्षेत्र में रहने वाले बेरोजगार युवक-युवतियों को झांसे में लेकर एसटीएफ में अस्थाई पुलिस कर्मी की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले रोहित शर्मा नामक आरोपी को एसटीएफ उज्जैन इकाई द्वारा पकड़ा गया है। यहां बता दें धोखाधड़ी मई-जून 2019 मैं आकाश शुक्ला नामक युवक के साथ हुई थी जिसकी शिकायत मार्च 2020 में पीड़ित आकाश द्वारा एसटीएफ उज्जैन को की गई। आवेदन जांच पर से एसटीएफ द्वारा आरोपी की तलाश शुरू की गई। क्योंकि रोहित अपने पते से फरार हो चुका था इसी बीच एसटीएफ की टीम को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी रोहित शर्मा उज्जैन आया हुआ है। जिस पर टीम द्वारा घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। कल गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में रिमांड हेतु प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस गिरफ्त में आया आरोपी मूल रूप से नारायणगढ़ किले के सामने, मंदसौर का निवासी है। वहीं मंदिर की 5 बीघा जमीन से परिवार का गुजर बसर करने के साथ 12वीं पास है। एसटीएफ में अस्थाई नौकरी दिलाने के नाम पर रोहित ने आकाश शुक्ला करण पूजा राठौर काजल शिवानी अग्रवाल सुजाता कुशवाहा सभी निवासी उज्जैन से ₹7700 तय किए थे।
उक्त पूरे मामले का खुलासा और आरोपी की गिरफ्तारी में निरीक्षक दीपिका शिंदे, उप निरीक्षक जे. एस. परमार, सहायक उप निरीक्षक देवेंद्र सिंह कुशवाह, आरक्षक सुनील झा, आरक्षक संजय शुक्ला, आरक्षक धर्मेंद्र बड़ोलिया, आरक्षक राजपाल सिंह राठौर, आरक्षक मनीष राठौर, आरक्षक पूनमचंद यादव की सराहनीय भूमिका रही।

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