ट्रेनिंग फॉर ट्रेनर्स:आयुष चिकित्सा, ऐलोपेथी से सस्ती और सरल

 

 

भोपाल : शुक्रवार, जनवरी 10, 2020, 

सचिव आयुष डॉ. एम.के. अग्रवाल ने कहा कि आयुष चिकित्सा एलोपेथी की तुलना में कहीं अधिक सरल और सस्ती है। फिर भी आमजन में इसके प्रति ज्यादा रूझान नहीं है। इसके लिये आयुष चिकित्सा अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। डॉ. अग्रवाल ने पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान में दो दिवसीय ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि जीवन-शैली में बदलाव एवं आहार-विहार, योग, प्राणायाम के माध्यम से कई रोगों से निजाद पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आयुष पद्धतियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिये यह प्रशिक्षण कराया गया है। इसमें प्रशिक्षित आयुष चिकित्सा अधिकारी मास्टर ट्रेनर बनकर स्थानीय स्तर पर कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ता को प्रशिक्षित करेंगे।

सचिव डॉ. अग्रवाल ने कहा कि सीमित संसाधनों से भी एनीमिया, कुपोषण आदि का ईलाज किया जा सकता है। भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों जैसे आयुर्वेद, होम्पयोपेथ, यूनानी, योग एवं नेचरोपेथी की खूबियों से आमजन को अवगत करायें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण की मॉनिटरिंग की जायेगी। सभी को निश्चित समय सीमा में लक्ष्य अनुरूप परिणाम देना होगा। डॉ. एम.के. अग्रवाल ने प्रशिक्षण में अनुपस्थित आयुष चिकित्सा अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर की।

साथ ही सचिव आयुष ने ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में रक्त अल्पता (एनीमिया) के प्रति चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इन महिलाओं को समझाइश देना होगा कि स्वयं के खान-पान और स्वास्थ्य का प्राथमिकता से ध्यान रखें। डॉ. अग्रवाल ने हर घर में औषधीय पौधे लगवाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ सामान्य औषधीय पौधे जैसे तुलसी, मीठी नीम, गिलोय, सहजन आदि से कई बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। डॉ. अग्रवाल ने चिकित्सकों से कहा कि अपनी विधा के प्रति समर्पित हों और स्वेच्छा से अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें।

आयुष चिकित्सा पद्धति का लाभ जन-सामान्य तक पहुँचाने के उद्देश्य से आशा कार्यकर्ताओं का सहयोग लेने के लिये यह योजना बनायी गयी है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षित आयुष चिकित्सा अधिकारी आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे। उन्हें आयुर्वेद और योग के माध्यम से मधुमेह एवं अन्य सामान्य बीमारियों की रोकथाम की बुनियादी अवधारणाओं की संक्षिप्त जानकारी देंगे और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल और प्रबंधन के लिये स्थानीय औषधालय में उपलब्ध उपचार एवं औषधियों की भी जानकारी दी जायेगी। इस अवसर पर डॉ. मुकेश पूरन यादव द्वारा रचित ‘वैदिक आयुर्वेद’ पुस्तक का विमोचन किया गया।

इस अवसर पर पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान के प्राचार्य डॉ. उमेश शुक्ला, शासकीय होम्योपैथी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा एवं शासकीय यूनानी महाविद्यालय की प्राचार्या और सभी जिलों से आये लगभग 100 आयुष चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे।

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