इंटरनेट पर पाबंदी नहीं लगा सकते: सुप्रीम कोर्ट

 

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर में लगी पाबंदियों पर सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत ने सरकार के फैसलों पर सवाल खड़े किए और धारा 144 के तहत जो भी रोक लगाई गई हैं, उन्हें सार्वजनिक पब्लिश करने को कहा गया है. सुप्रीम कोर्ट सरकार के तर्कों से संतुष्ट नहीं दिखा.

सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपेगी कमेटी

राज्य सरकार की ओर से जो फैसले सार्वजनिक किए जाएंगे, उसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक कमेटी का गठन किया है. जो सरकार के फैसलों का रिव्यू करेगी और सात दिन के अंदर अदालत को रिपोर्ट सौपेंगी.

7 दिन के अंदर रिव्यू हो सभी पब्लिश

SC ने आदेश दिया है कि राज्य सरकार इंटरनेट पर पाबंदी, धारा 144, ट्रैवल पर रोक से जुड़े सभी आदेशों को पब्लिश करना होगा. इसके साथ ही 7 दिन के अंदर इन फैसलों का रिव्यू करने का आदेश दे दिया है.

धारा 144 को लेकर अदालत की सख्ती

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि धारा 144 का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता है, बेहद जरूरी हालात में ही इंटरनेट को बंद किया जा सता है. SC ने कहा कि धारा 144 को अनंतकाल के लिए नहीं लगा सकते हैं, इसके लिए जरूरी तर्क होना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने इसी के साथ राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वह तुरंत ई-बैंकिंग और ट्रेड सर्विस को शुरू करे.

धारा 144 को लेकर अदालत की सख्ती

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि धारा 144 का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता है, बेहद जरूरी हालात में ही इंटरनेट को बंद किया जा सता है. SC ने कहा कि धारा 144 को अनंतकाल के लिए नहीं लगा सकते हैं, इसके लिए जरूरी तर्क होना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने इसी के साथ राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वह तुरंत ई-बैंकिंग और ट्रेड सर्विस को शुरू करे.
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