उद्योगों को समयबद्ध अनुमतियाँ देने बनेगा कानून: मुख्यमंत्री कमल नाथ

 

 

भोपाल : रविवार, जनवरी 26, 2020,

मुख्यमंत्री  कमल नाथ ने गणतंत्र दिवस पर अपने संदेश में कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योग चलाना और लगाना आसान बनाने के लिये जल्दी ही मध्यप्रदेश एक नया कानून बनाएगा। इसमें सभी तरह की अनुमतियाँ अधिकतम सात दिनों में मिलेंगी। सात दिन में अनुमतियाँ न मिलने पर उसे अनुमति मान लिया जाएगा। इससे ऐसी आर्थिक गतिविधियाँ बढाने में मदद मिलेगी, जिनमें रोजगार का सृजन होता है। नए उद्योगों में प्रदेश के युवाओं के लिए 70 प्रतिशत रोजगार को अनिवार्य किया गया है। रियल एस्टेट सेक्टर में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए इसमें लगने वाली 27 अनुमतियों की संख्या को घटाकर पाँच कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इंदौर में गणंतत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया और पारंपरिक परेड की सलामी ली।

गण और तंत्र अपनी सोच बदलें, परिवर्तनों को अपनायें

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से गण और तंत्र के रिश्तों को परिणामकारी बनाने का संकल्प लेने का आव्हान किया। उन्होने कहा कि गण और तंत्र दोनों अपने नजरिये को बदलें, अपनी सोच बदलें और परिवर्तनों को अपनायें। उन्होने संविधान के शिल्पी भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर और संविधान सभा के सदस्यों का स्मरण किया।

अजजा प्लान पुन: लागू कराने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने अनुसूचित जनजाति प्लान बनाने की प्रथा को खत्म कर दिया है। इससे इन क्षेत्रों के विकास में लगने वाली राशि के आंकलन का काम कठिन हो गया है। अब भारत सरकार से चर्चा कर इसे पुन: लागू कराने का प्रयास होगा। उन्होने कहा कि जीएसटी के कारण भारत सरकार से पिछले एक साल में राज्य को मिलने वाली राशि में कमी हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के सपने को साकार करने के लिए विजन-टू-डिलीवरी रोडमैप 2020-25 बनाया गया है। वर्ष 2025 तक मध्यप्रदेश को देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदेशों में एक बनाना सरकार का लक्ष्य है।

किसानों की ऋण माफ

खेती को लाभकारी बनाने की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि एक साल में लगभग 20 लाख किसानों के ऋण माफ किए जा चुके हैं। इसमें 2 लाख रुपये तक के कालातीत फसल ऋण और 50 हजार रुपये तक के चालू फसल ऋण हमने माफ किए हैं। ऋण माफी का दूसरा चरण अब शुरू हो गया है। जिसमें एक लाख रुपये तक के चालू फसल ऋण और 2 लाख रुपये तक के कालातीत फसल ऋण के बचे किसानों के ऋण माफी का काम किया जा रहा है।

भंडारण क्षमता की नई योजना ‘भविष्य’

प्रदेश में भंडारण क्षमता को बढ़ाने के लिए एक नई योजना ‘भविष्य’ शुरू करने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 30 लाख टन भण्डारण की अतिरिक्त क्षमता का निर्माण करने की योजना है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता को 60 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 हॉर्स पावर तक के स्थायी कृषि पंप कनेक्शन के बिजली बिल आधे किए जा चुके हैं। हमने इंदिरा गृह ज्योति योजना लागू कर दी है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के एक करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संभागीय मुख्यालयों में स्थित आईटीआई संस्थानों को मेगा आईटीआई में परिवर्तित किया जायेगा। प्रत्येक गाँव को सड़क, बिजली और ब्राडबैंड यानि इंटरनेट सुविधा से जोडा जायेगा। उन्होने कहा कि 40 लाख आवासहीन परिवारों के लिये आवास की व्यवस्था की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पानी के अधिकार को लेकर कानून बनाने का काम शुरू हो गया है। इसी प्रकार एक हजार गौशाला बनाने का काम शुरू किया गया है। गौशाला को चारा- भूसा का रोजाना मिलने वाला अनुदान तीन रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये प्रति गोवंश कर दिया गया है।

वनाधिकार प्रकरणों में एक माह में अंतिम निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाधिकार संबंधी प्रकरणों पर अगले एक माह में अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। आदिवासी बंधुओं के साहूकारी कर्ज को माफ करने लिये अधिनियम बनाकर भारत सरकार को भेजा जा चुका है । अब प्रयास है कि इसे शीघ्र स्वीकृति मिल जाए।

कमल नाथ ने कहा कि आदिवासी परिवारों में जन्म पर 50 किलो अनाज और मृत्यु पर 100 किलो अनाज नि:शुल्क देने के लिए ‘मदद’ योजना लागू की गई है। आदिवासी समुदाय के देव-स्थानों के संरक्षण के लिये ‘आष्ठान’ योजना लागू की गयी है। इस वर्ष गोंडी कला वर्ष मनाया जा रहा है। रानी दुर्गावती, बादल भोई, टंट्या भील और जनगणसिंह श्याम स्मृति पुरस्कार स्थापित किए गए हैं। उन्होने कहा कि अब इंटरव्यू और प्रमोशन समितियों में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधि को रखना जरूरी है। शहरी परिवहन को बेहतर बनाने और प्रदूषण की रोकथाम के लिये इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लागू की गई है।

विश्व-स्तरीय पर्यटन नक्शे पर लगाया जाएगा मध्यप्रदेश

पर्यटन की संभावनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संभावनाओं का अभी तक सही उपयोग नहीं हुआ है। यहाँ की संस्कृति, विरासत, जल-क्षेत्र और वन्य-प्राणी पूरे विश्व को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। इनका सही ढंग से दोहन करते हुए प्रदेश को विश्व-स्तरीय पर्यटन नक्शे पर लाया लायेगा, जिससे प्रदेश के लोगों को आर्थिक लाभ के साथ- साथ रोजगार प्राप्त हो।

शिक्षा की गुणवत्ता बढाने गठित होगी शिक्षाविदों की परिषद

शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सेक्टर बहुत बड़ी चुनौती है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिये करीब 21 हजार शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। प्राथमिक शाला शिक्षकों की भर्ती का काम भी शुरू हो चुका है। गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए राज्य स्तर पर प्रसिद्ध शिक्षाविदों को लेकर परिषद का गठन किया जायेगा, जिसके सुझावों पर समयबद्ध तरीके से काम होगा। उन्होने कहा कि पिछले दो सत्रों में सात नए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जा चुके हैं और छह अन्य कॉलेजों की स्वीरकृति की कार्यवाही जारी है।

कमल नाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना से साढ़े बारह लाख कर्मचारी और पेंशनर लाभान्वित होंगे। कर्मचारियों की सालों से लंबित समस्याओं को हल करने के लिए कर्मचारी आयोग की स्थापना भी की गई है। सरकारी सेवाएँ नागरिकों के घर पहुँचाने की शुरूआत इन्दौर शहर से कर दी गई है।

जारी रहेगा ‘शुद्ध के लिये युद्ध’ अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘शुद्ध के लिये युद्ध’ अभियान निरंतर जारी है। अमानक दवाइयों, नकली खाद, बीज, कीटनाशक का उत्पादन और बिक्री करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होने कहा कि ईमानदार और काम करने वाली सरकार को अपने काम गिनाने की जरूरत नहीं होना चाहिए। सरकार के काम स्वयं बोलने चाहिये । उन्होने शासन, प्रशासन और लोगों की बेहतरी के कामों में भी जन-सहयोग की अपेक्षा की।

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