MP:ईओडब्ल्यू को मिला रिश्वतखोरों को रंगे हाथ पकड़ने का अधिकार

MP:ईओडब्ल्यू को मिला रिश्वतखोरों को रंगे हाथ पकड़ने का अधिका

जबलपुर। स्थापना के करीब 48 साल बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई (ईओडब्ल्यू) को रिश्वतखोरों को रंगे हाथ पकड़ने का अधिकार दिया गया है। शासन से आदेश जारी होते ही ईओडब्ल्यू की जबलपुर इकाई ने रिश्वतखोरों को ट्रैप करने की कार्रवाई में आवश्यक तकनीकी उपकरण व रासायनिक सामग्री की खरीदी के आदेश जारी कर दिए हैं। यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो इसी माह ईओडब्ल्यू की टीम लोकायुक्त की तर्ज पर रिश्वतखोरों को रंगे हाथ पकड़ने की कार्रवाई प्रारंभ कर देगी। विदित हो कि मध्य प्रदेश में ईओडब्ल्यू की स्थापना 1972 में की गई थी। रिश्वतखोरों को रंगे हाथ पकड़वाने के लिए फरियादी अब लोकायुक्त के साथ ईओडब्ल्यू की भी मदद ले सकेंगे। भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के विरुद्ध ईओडब्ल्यू अब तक सिर्फ छापामार कार्रवाई करती रही। पद का दुरुपयोग कर अवैध लाभ अर्जित करने संबंधी शिकायतों की जांच कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई करने के अधिकार भी शासन ने दिए थे। भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को रंगे हाथ पकड़ने की कार्रवाई का अधिकार मिलने के बाद भ्रष्टाचार के खात्मे में ईओडब्ल्यू की भूमिका और बढ़ गई है। अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी में लिप्त लोक सेवकों के विरुद्ध 07612403777, 9407091999 पर सीधे शिकायत की जा सकती है।

ईओडब्ल्यू की स्थापना के उद्देश्य
– आर्थिक अपराध, विशिष्ट प्रकार के कपट, संपत्ति छिपाना, करों की चोरी आदि अपराधों की जानकारी एकत्र करना। जहां आवश्यक हो ऐसे अपराधों का अन्वेषण करना।

– राष्ट्र की अखंडता नष्ट करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों तथा समूहों एवं राष्ट्र का विघटन, भारतीय संविधान के प्रति अनिष्ठा तथा लोक सेवकों में अनिष्ठा की प्रवृत्ति को उकसाने वाले व्यक्तियों तथा समूहों के बारे में सूचनाएं एकत्र करना तथा ऐसे अपराधों का अन्वेषण करना।

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