video : राजपथ पर हिन्दुस्तान की भव्य सांस्कृतिक झलक,दुनिया ने देखी सैन्य ताकत और संस्कृति की झलक

 

 

नई दिल्ली, 26 जनवर ,। देश के 71वें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजपथ पर सेना के तीनों अंगों की शक्ति देखकर राष्ट्र गौरावांवित हो गया। इस मौके पर बहुरंगी संस्कृति छटा का भी गवाह राजपथ बना। राजपथ पर रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गणतंत्र दिवस के लिए मुख्य अतिथि ब्राजील के राष्ट्रपति जायर मेसियस बोल्सोनारो राजपथ पर मौजूद रहे। परेड की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान की समाप्ति के बाद हुई।1वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर शक्तिशाली, मजबूत और बुलंद भारत का विहंगम दृश्य दिखाई दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 71वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद जवानों को पुष्पचक्र अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी. इसके बाद राष्ट्रपति ने राजपथ पर तिरंगा फहराया, सेना ने उन्हें 21 तोपों को सलामी दी. राजपथ पर चिनूक और अपाचे हेलिकॉप्टरों की गरज से लोग रोमांचित हो उठे. वहीं कई राज्यों की झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया. बाइक पर सेना के जवानों और वीरांगनाओं के डेयर डेविल एक्ट से सभी लोग हैरान रह गए. इस साल गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर मेसियस बोलसोनारो हैं.

तीनों सेनाओं और सुरक्षाबलों की परेड, चिनूक और अपाचे हेलिकॉप्टरों ने भारतीय सेना की बढ़ती ताकत का अहसास कराया। इस अवसर पर हाल ही में फ्रांस से खरीदे गए अत्याधुनिक युद्धक विमान राफेल की प्रतिकृति भी दिखाई गई। विभिन्न मंत्रालयों एवं राज्यों की झांकियों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। परेड के दौरान कैप्टन तान्या शेरगिल ने राजपथ पर दहाड़ लगाकर देश की नारी शक्ति का अहसास कराया। एक ओर -45 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में और 18,700 फीट तक की ऊंचाई पर तैनात रहकर हमारे देश की उत्तरी सीमा की रक्षा करने वाली इंडो-तिब्बतन सीमा पुलिस (आईटीबीपी) पुलिस का मार्चिंग दस्ता गुजरा तो दूसरी ओर भारतीय सेना की सबसे अलंकृत कुमाऊं रेजिमेंट के दस्ता भी आकर्षण का केंद्र बना। कैप्टन दीपांशु शेरॉन के नेतृत्व में दुनिया की एकमात्र सक्रिय घुड़सवार सेना में शामिल घोड़ों की टाप से पूरा राजपथ गूंज उठा।

राजपथ के मुख्य आकर्षण

राजपथ पर एयरफोर्स की युद्ध क्षमता का परिचय देने के लिए रफाल, तेजस, आकाश मिसाइल सिस्टम और अस्त्र मिसाइल का प्रदर्शन हुआ। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की तरफ से निर्मित एंटी सैटलाइट वेपन सिस्टम (एसैट) मिशन शक्ति वायु रक्षा सामरिक नियंत्रण रेडार (एडीटीसीआर) का भी प्रदर्शन हुआ। यह विशाल वायु की निगरानी, विभिन्न हवाई लक्ष्यों का पता लगना, शत्रु या मित्र की पहचान, कमांड सेंटर तक डेटा पहुंचाने जैसे कई महत्वपूर्ण काम करता है। इसे मैदान, पहाड़, रेगिस्तान में पूर्व चेतावनी के लिए तैनात किया जा सकता है।

इस मौके पर भारतीय आर्मी के मुख्य युद्धक टैंक टी-90 भीष्म का प्रदर्शन किया गया। लेजर गाइड मिसाइल से लैस भीष्म रात में पांच  किलोमीटर की दूरी से निशाना साधने में सक्षम होने के साथ ही इसमें पानी में भी संचालन की क्षमता है। इन्फेंट्री कॉम्बेट वीइकल आईसीवी बीएमपी2 में रात में चार किलोमीटर की दूरी से अज्ञात दुश्मनों पर भी हमला करने की क्षमता है। यह जल और जमीन, दोनों से दुश्मनों पर हमला करने वाला दुनिया के सर्वोत्तम लड़ाकू वाहनों में एक है। इसका प्रेरणा वाक्य है- जिसका निश्चय, उसकी जीत।

हाल ही भारतीय सेना में शामिल किए गए के-9 वज्र टी का प्रदर्शन भी किया गया। धनुष गन सिस्टम एक नियंत्रित होवित्जर है। कम वक्त में पुल बिछाने की प्रणाली सर्वत्र ब्रिज सिस्टम का प्रदर्शन हुआ। अडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर्स रुद्र और ध्रुव ने राजपथ के आसमान में उड़ान भरी। एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम आकाश, समुद्र तट के क्षेत्र को सुरक्षा प्रदान करता है। इस बल ने हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने में मदद की है।

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