1 अप्रैल से नहीं कर सकेंगे दो लाख से ज्यादा का कैश लेनदेन

 

new-currency- 21 03 2017

 नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद सरकार ने काले धन पर अंकुश लगाने के लिए एक और कठोर कदम उठाया है। सरकार ने “वित्त विधेयक 2017” में संशोधन का प्रस्ताव किया है। इसके पारित होने पर आगामी एक अप्रैल से दो लाख रुपये से अधिक का नकद लेनदेन अवैध माना जाएगा। सरकार ने पहले यह सीमा तीन लाख तय करने का प्रस्ताव किया था। इसे अब घटाकर दो लाख रुपये कर दिया गया है।

इसके अलावा, पहली जुलाई, 2017 से अगर कोई व्यक्ति अपना “आधार” नंबर आयकर विभाग को नहीं देता है तो उसका पैन (परमानेंट अकाउंट नंबर) रद हो जाएगा। जुलाई से पैन बनवाने और आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए भी “आधार” नंबर जरूरी होगा।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्त विधेयक 2017 में 40 आधिकारिक संशोधन मंगलवार को लोकसभा में पेश किए। इनके जरिये आयकर कानून में इस आशय के बदलाव के साथ-साथ कई अन्य कानूनों में भी संशोधन का प्रस्ताव किया गया है। वित्त विधेयक के माध्यम से कई कानूनों में एक साथ संशोधन करने के सरकार के कदम का विपक्ष ने विरोध किया।

हालांकि जेटली के संसदीय परंपराओं, संवैधानिक व विधायी साक्ष्यों का हवाला देने के बाद स्पीकर सुमित्रा महाजन ने विपक्षी सदस्यों की दलीलों को दरकिनार कर विधेयक पर चर्चा शुरू करवाई।

बाद में राजस्व सचिव हसमुख अढिया ने ट्वीट कर कहा कि वित्त विधेयक में संशोधन पेश करते हुए सरकार ने नकद लेनदेन की सीमा तीन लाख से घटाकर दो लाख रुपये कर दी है। अगर कोई इस सीमा से अधिक राशि का नकद लेनदेन करता है तो उसे गैरकानूनी माना जाएगा। प्रावधान का उल्लंघन करने पर उस व्यक्ति को अतिरिक्त राशि के बराबर जुर्माना भरना l

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