सीहोर जेल में लापरवाही, कैदी हाथो में थामते हैं रायफल और जिंदा कारतूस

सीहोर। सीहोर जेल में लापरवाही इस कदर हावी है कि यहां पर डयूटी पर तैनात होने वाले जेल प्रहरी को सजायाता कैदी डयूटी पर आने के बाद रायफल और जिंदा कारतूस हाथो में थमाते हैं और जिस समय कैदी के हाथ में जिंदा कारतूस और रायफल रहती है उस दौरान जेल गेट के इंचार्ज और डयूटी पर तैनात होने वाले जेल प्रहरी निहत्थे रहते है।

बीते रोज एक वीडियो वायरल हुआ हैं जिसमें साफ तौर पर देखा जा रहा हैं कि जेल में सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे हैं और जेल कैदी के हाथ में रायफल और जिंदा कारतूस इस बात की भी पुष्टि कर रही हैं कि किसी दिन भी सीहोर जेल ब्रेक हो सकती है। सूत्र यहां तक बताते है कि सीहोर जेल में यह व्यवस्था पिछले कई समय से बनी हुई है और वरिष्ठ अधिकारी भी इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं है। बीते दिनों सीहोर जेल में एक ऐसा वीडियो बना है जो हैरानी में डालने के साथ ही जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। डेढ़ मिनिट के बने इस वीडियो में शाम के लगभग छ: बजे डयूटी पर तैनात होने वाले एक जेल प्रहरी का प्रवेश होता है। वो जेल प्रहरी डयूटी पर तैनात होने के पहले जेल के गेट कीपर के पास पहुंचता है, डयूटी रजिस्टर पर साईन करता है। इसके बाद हत्या के प्रयास के एक मामले में आठ साल की सजा काट रहा एक सजायाता कैदी जिस पर पांच लाख का जुर्माना भी लगाया गया था, वो हाथो में रायफल लेकर एक कमरे से निकलता है और उसके पास पांच जिंदा कारतूस भी हाथो में रहती है।

बाकायदा इस वीडियो में दिखाया गया है कि सजायाता कैदी गंभीर/ चिंतामनी यादव गेट कीपर के काउंटर पर आता है ओर अपने हाथो में थमी रायफल और पांच जिंदा कारतूस एक थैली से निकालकर गेट कीपर के हवाले करता है उसके बाद यह हथियार जेल प्रहरी को सौंपे जाते हैं। इस दौरान हैरानी की बात यह है कि सजायाता कैदी के हाथो में हथियार रहते है लेकिन उस समय डयूटी पर तैनात होने वाले जेल प्रहरी और गेट कीपर निहत्थे रहते है। इस दौरान यहां पर सुरक्षा के लिहाज से स्टाफ भी नजर नहीं आ रहा हैं। मामले में डी आई जी जेल संजय पांडेय ने जेल के चार कर्मचारियों पर जांच के आदेश दिए हैं।

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