सीएम आज करेंगे पारसडोह बांध का भूमिपूजन

बैतूल, 09 मार्च । जिले के पारसडोह में ताप्ती नदी पर 382. 29 करोड़ की लागत से बनने वाले बड़े बांध निर्माण का भूमिपूजन गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आठनेर के बिसनुर में करेंगे। इस बांध के बनने तीन विधान सभा के 56 गांव लाभान्वित होंगे। बैतूल, प्रभातपट्टन और आठनेर ब्लाक के 56 गांवों के किसानों को रबी मौसम की फसलों की सिंचाई के लिये भरपूर पानी मिल जाएगा। जिले के सबसे बड़े बांध से पहले चरण में अब तक असिंचित पड़ी 9 हजार 990 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि में फसलें लहलहाने लगेंगी। ताप्ती नदी पर 46 एमसीएम क्षमता के सबसे बड़े बांध के निर्माण की योजना में शुरूआती दौर से ही तकनीकी अड़चनें आने लगी थीं।भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने इन अड़चनों को दूर करने के लिये भरसक प्रयास किये जिसका नतीजा है कि जल संसाधन विभाग ने प्रशासनिक और तकनीकी रूप से बांध के निर्माण को स्वीकृति दे दी थी।बीते कई महीनों से बांध के भूमि पूजन की चर्चा चल रही थी किन्तु निर्माण के लिये राशि स्वीकृत करने में बजट का रोढ़ा आ रहा था। बीते दिनों मुख्यमंत्री से हुई विधायक हेमंत खंडेलवाल की चर्चा में उन्होंने अपनी पहली प्राथमिकता में पारसडोह डैम को वित्तीय स्वीकृति दिलाई और 9 मार्च को भूमि पूजन के कार्यक्रम में सीएम आ रहे हैं। पासरडोह बांध से आठनेर, प्रभात पटटन ब्लाक के 33 और बैतूल ब्लाक के 23 गांवो मे सिंचाई प्रस्तावित की गई है। बांध के सर्वे उपरांत तकनीकि दृष्टि से बैतूल ब्लाक के 23 गांवो में सिचाई होना संभव नही था। जिस पर विधायक हेमंत खंडेलवाल के प्रयास से पाईप लाइन द्वारा सिंचाई के प्रस्ताव का दोबारा सर्वे किया गया और स्वीकृति भी मिल गई । पारसडोह बांध से प्रथम चरण में आठनेर-प्रभात पटटन ब्लाकों के 33 गांवो की 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र मे सिंचाई प्रस्तावित है, जिसकी लागत 396 करोड़ रुपए आंकी गई थी। पाईप लाईन सिस्टम की वजह से 12 एमसीएम पानी की बचत होगी। दूसरे चरण मे बैतूल ब्लाक के 23 गांवो को सिंचित किया जाएगा। विभाग द्वारा तैयार की गई डीपीआर के अनुसार साढ़े तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र मे सिंचाई प्रस्तावित की गई है जिसकी लागत लगभग 70 करोड रुपए आएगी। पारसडोह बांध के निर्माण के साथ ही यहां 21 करोड की लागत से सोलर पैनल लगाने के काम को भी मंजूरी दी गई है। इन सोलर पैनलों से बांध को लगने वाली बिजली का उत्पादन किया जाएगा। पारसडोह बांध से आठनेर ब्लाक के टेमुरनी, पुसली, खापा, एनखेडा, आठनेर, गुजरमाल, गुनखेड, ठानी, धनोरा, धनोरी, जावरा, सावंगी, धामोरी, हिवरा, मांडवी, ढोंढखेडा, बिजासनी, जूनावानी, बोरपानी, मूसाखेडी गांवों के किसानों को पानी मिलेगा। बैतूल ब्लाक के बारव्ही, सेलगांव, चारबन, हाथीडिंगर, बडोरी, कोलगांव, चारसी, मूचगोहान, गोराखार, चुरनी, सेहरा, अमदर, सूरगांव, खडला, नयेगांव, बघोली, रोंढा, करजगांव, सावंगा एवं प्रभात पट्टन ब्लाक के पचधार, बिसनूर, जामठी, बालोरा, सहनगांव, घाना, सिरडी, काजली, गरव्हा, सांईखेडा, वायगांव, मासोद, हिवरखेड, परसोडी, हिडली, बलेगांव, मिरापूर आदि गांव लाभान्वित होंगे। वरिष्ठ नागरिक संगठन का संघर्ष भी रंग लाया ताप्ती नदी पर पारसडोह में बांध निर्माण के लिये बीते एक दशक से वरिष्ठ नागरिक संगठन हर स्तर पर प्रयास कर रहा था। वरिष्ठ नागरिक संगठन के सचिव केके पांडे ने बताया कि संगठन के माध्यम से लगातार हर स्तर पर मांग उठाई जा रही थी। इस बांध के स्वीकृत होने से संगठन ने क्षेत्र में जो खुशहाली का सपना संजोया है वह पूरा हो सकेगा। नदी- ताप्ती डैम का नाम- पारसडोह कुल लागत- 382.29 करोड़ सिंचित रकबा- 9 हजार 990 हेक्टेयर लाभांवित गांव-56

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