साधु-संतों के बीच घोषणाएं की हैं तो भूलना मत- मोरारी बापू

जैत  (सीहोर)।मानस मर्मज्ञ मोरारी बापू ने नर्मदा सेवा यात्रा के लिए 11 हजार रुपए तुलसीपत्र के रूप में दिए तो मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इससे नर्मदा कोष की स्थापना करने की घोषणा कर दी। अपने गृहग्राम जैत में नर्मदा यात्रा के पड़ाव पर बापू की उपस्थिति में उन्होंने मुख्य सचिव बीपी सिंह को यह राशि सौंप दी।
 
बापू ने एक किस्सा सुनाया-
जब मोदी गुजरात के सीएम थे तो एक कार्यक्रम में महसूस हुआ कि एक मुख्यमंत्री अभियान के रूप में प्रदेश को चला रहा है। यह शायद दूसरा मौका है जब यहां भी मुख्यमंत्री अभियान के रूप में प्रदेश को चला रहे हैं। हमारे यहां कहावत है सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय। इसमें एक चीज और जोड़ना चाहिए सर्वभूताय, सर्व भूताय सुखाय, सर्व भूताय प्रीताय। आप पूजा जरूर करो लेकिन प्रीत भी करो तो ही नर्मदा बचेगी। मैं भी भोपाल छोड़ने से पहले पांच पौधे लगाकर जाऊंगा। उन्होंने सीएम को नसीहत भी दी कि यह कोई राजनीतिक मंच नहीं है, जहां घोषणाएं करके भूल जाओ। यह आध्यात्मिक मंच है और साधु संतों के बीच बैठकर ये बातें कही हैं। इन्हें भूलना नहीं। मैं इस अभियान में प्रामाणिक दूरी के साथ आपके साथ हूं। सुबह भोपाल में स्टेट हेंगर पर सीएम ने मोरारी बापू की अगवानी की।
बापू ने कहा-आप पूजा जरूर करो, लेकिन प्रीत भी करो, तो ही नर्मदा बचेगी
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