सहारा समूह अब राहत की उम्मीद न करें- सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज सहारा समूह को चेतावनी दी कि अब उन्हें कोई राहत नहीं दी जा सकती है। उन्हें पहले बहुत समय दिया जा चुका है। अगर तय समय पर 5092.46 करोड़ रुपए जमा नहीं किए गए तो एंबी वैली को नीलाम कर दिया जाएगा । हम 13 अप्रैल की समय सीमा नहीं बढ़ाएंगे। सहारा समूह ने कोर्ट से आग्रह किया था कि संपत्ति बेचने की प्रक्रिया चल रही है। पैसे जमा करने की समय-सीमा बढ़ाने की अनुमति दी जाए। मामले की सुनवाई 17 अप्रैल को होनी है।

पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर 17 अप्रैल तक 5092.46 रुपये नहीं जमा कराए गए तो एंबी वैली को बेच दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि ये पैसे सहारा सेबी-सहारा अकाउंट में जमा नहीं किए जाएंगे बल्कि ये सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा किए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी कंपनी एमजी कैपिटल को लंदन के न्यूयॉर्क होटल खरीदने के लिए साढ़े सात सौ करोड़ रुपये जमा करने की अनुमति दे दी है।

पिछले 28 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय की पेरोल अवधि 17 अप्रैल तक बढ़ा दी थी और सहारा समूह को आदेश दिया था कि वो 13 अप्रैल तक 5092.46 करोड़ रुपये जमा करें। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा की इस अर्जी को खारिज कर दिया था कि उसे रकम चुकाने के लिए छह माह का समय दिया जाए।

सहारा समूह ने 15 संपत्तियों की सूची कोर्ट को सौंपी थी जो बेचने के लायक हैं । इस पर सेबी ने कहा कि सूची में जो दो संपत्तियां दी गई हैं उन्हें बेचने की कोशिश की गई थी लेकिन वो नहीं बिके। अब सहारा को खुद ही इसे ई-ऑक्शन के जरिये बेचने की इजाजत दी जाए। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम नहीं चाहते कि सहारा इसे बेचे, इसे आप ही ( सेबी ) ही बेचिए।

एमिकस क्युरी शेखर नफड़े ने कहा था कि सेबी का जमीन बेचने का अनुभव संतोषजनक नहीं रहा। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को अपनी संपत्ति बेचकर 17 अप्रैल तक 5092.46 करोड़ रुपये जमा करने की अनुमति दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आप कोई भी संपत्ति सर्किल रेट के 90 फीसदी से कम पर नहीं बेच सकते। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि अगर सहारा समूह 10 अप्रैल तक 5092.46 करोड़ रुपये की रकम का अधिकांश जमा कर देता है तो कोर्ट उन्हें संपत्ति बेचने की मियाद बढ़ाने की अनुमति दे सकती है ।

आपको बता दें कि छह फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की प्रमुख संपत्ति एंबी वैली को अटैच करने का आदेश दिया था। मुंबई के समीप लोनावाला में स्थित एंबी वैली 39 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति बतायी जाती है। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह से उन संपत्तियों की सूची मांगी थी जिन पर कोई कर्ज या मुकदमा नहीं हो और जिन पर बाजार में नीलामी के लिए बोली लगाई जा सके। इसी आदेश के बाद आज सुप्रीम कोर्ट ने 15 संपत्तियों की सूची कोर्ट को सौंपी।

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