सरकार…. जुलानिया पर इतनी महेरबानी क्यों ?

 

भोपाल। विवादों का पर्याय बन चुके आईएएस अधिकारी राधेश्याम जुलानिया में आखिर ऐसा क्या है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उनके खिलाफ कारवाई नहीं कर पा रहे हैं।

आधा दर्जन से ज्यादा अधिकारियों को अपने कोप का भाजन बना चुके जुलानिया, पंचायत सचिवों और सरपंचों की आंख की किरकिरी बन चुके हैं। जुलानिया और निचले स्तर के अधिकारियों कर्मचारियों से लेकर राजनेताओं की नापसंद जुलानिया…बावजूद इसके लगातर प्राईम पोस्ट पाने वाले जुलानिया में आखिर ऐसा क्या है जो न तो मुख्य सचिव और न ही मुख्यमंत्री उनके खिलाफ कार्रवाई कर पा रहे हैं। अक्सर इसके पीछे तर्क दिया जाता है कि जुलानिया ईमानदार अधिकारी हैं..इसका मतलब यह हुआ कि अब तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जिस भी आईएएस पर कारवाई की, सरकार को उनकी ईमानदारी पर शक था। अब जरा पिछले डेढ साल में शिवराज के कोप का भाजन बन चुके आईएएस अधिकारियों की सूची पर नजर डाल लीजीये…

1—जुलानिया के ही बैचमेट 1985 बैज के आईएएस प्रभांशु कमल को चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पद से हटाकर मंत्रालय में ओएसडी बना दिया गया।
2—सीनियर आईएएस एम.के. सिंह को राजस्व बोर्ड के सदस्य पद से हटाकर मंत्रालय में ओएसडी बना दिया गया।
3—राजस्व विभाग के आयुक्त के.के.खरे को आनन फानन में हटाकर मानव अधिकार आयोग का सचिव बना दिया गया।
4– फेसबुक पर भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की तारीफ करने वाले बड़वानी कलेक्टर अजय गंगवार को हटाए
5—फेसबुक पर तमिलनाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता की तारीफ करने वाले नरसिंहपुर कलेक्टर सीबी चक्रवर्ती को हटाया गया।
6- विधायकों की शिकायत पर शाजापुर कलेक्टर राजीव शर्मा और पन्ना कलेक्टर शिवनारायण चौहान को हटा दिया गया।
7-खऱाब परफार्मेंस के आधार पर श्योपुर कलेक्टर पन्नालाल सोलंकी और अलीराजपुर कलेक्टर शेखर वर्मा को हटाकर मंत्रालय में अपर सचिव और उपसचिव पदस्थ किया गया
8—गुना कलेक्टर आनंद शर्मा को एक पत्र की त्रुटि के आधार पर हटा दिया गया।
9– आईएएस अफसर प्रकाश जांगड़े को मंगलवार रात सस्पेंड कर दिया गया। जांगड़े जब कटनी कलेक्टर थे, तब उन्होंने मिड-डे-मील योजना के अंतर्गत स्व-सहायता समूह को समय पर भुगतान नहीं किया था।
10—राधेश्याम जुलानिया की एफआईआर का आवेदन देने वाले पंचायत विभाग के सचिव रमेश थेटे को हटाकर मंत्रालय में ओएसडी बना दिया गया।
11– अधीनस्थ से रिश्वत मांगने के आरोप में आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव जे.एस. मालपानी को हटाया
12..राजस्व विभाग के आयुक्त अरुण तिवारी को हटाया।
13—अशोक नगर के कलेक्टर आर.बी.प्रजापति को खाद्य विभाग में अनियमितता के आरोप में हटाया
14—पन्ना कलेक्टर आर.के.मिश्रा को महिला की शिकायत के आधार पर हटाया।

एक झटके में इतने आईएएस को हटाकर सुशासन का संदेश देने की कोशिश करते मुख्यमंत्री आखिर जुलानिया के प्रति इतने संवेदनशील क्यों है,प्रशासनिक और राजनीतिक हल्कों में इसको लेकर तमाम कयास लगाये जाते रहे हैं।इतने सब के बाबजूद जुलानिया है कि अंगद की तरह पैर जमाये हैं।

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