राष्ट्रीय खेल दिवस पर हाॅकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को श्रद्धा  के सुमन अर्पित किए

29 अगस्त, 2020,
 देश के खेल जगत के नामचिन खिलाड़ियों ने
मैत्री मैच में बरसते पानी में तूफानी जोश के साथ पुराने खिलाड़ी भारी पड़े युवा खिलाड़ियों पर

आज सांय 4.00 बजे ध्यानचंद हाॅकी स्टेडियम पर संचालक खेल और युवा कल्याण  पवन कुमार जैन, प्रमुख सचिव खेल  पंकज राग, भारतीय खेल प्राधिकरण रीजनल सेंटर के रीजनल डायरेक्टर  राजिन्दर सिंह, 1968 ओलम्पिक टीम के कांस्य पदक विजेता वरिष्ठ खिलाड़ी इनाम-उर-रहमान, 1980 ओलम्पिक की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय हाॅकी टीम के सदस्य अर्जुन तथा द्रोणाचार्य अवार्डी  राजिन्दर सिंह, 1984 ओलम्पिक टीम के सदस्य अर्जुन अवार्डी सैय्यद जलालउद्दीन रिजवी, अर्जुन अवार्डी  जी.एल. यादव एवं  दलबीर सिंह, 2000 ओलम्पिक टीम के सदस्य  समीर दाद, पूर्व विश्व नंबर-2 बिलियर्ड एंड स्नूकर खिलाड़ी  कमल चावला, 2020 के द्रोणाचार्य अवार्डी  योगेश मालवीय एवं 2020 के तेनजिंग नोर्गे पुरस्कार से सम्मानित पैरा खिलाडी  सतेन्द्र सिंह लोहिया, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी अल्ताफ-उर-रहमान, अफ्फान यूसुफ, अरमान कुरैशी, कु. चिंकी यादव,  एश्वर्य प्रताप सिंह तोमर सहित भोपाल राज्य खेल अकादमी के प्रशिक्षक तथा खिलाड़ियों ने अर्पित की मेजर ध्यानचंद को पुष्पांजलि।
अपने स्वागत उद्बोधन में संचालक खेल  पवन कुमार जैन ने सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों को राष्ट्रीय खेल दिवस की बधाई दी। अपने उद्बोधन में  जैन ने मेजर ध्यानचंद को याद करते हुए बताया कि मेजर ध्यानचंद भारत के ही नहीं, विश्व के सर्वकालिक महानतम खिलाड़ी थे। मेजर ध्यानचंद ने 1928 एम्सटर्डम, 1932 लाॅस एंजलिस तथा 1936 के बर्लिन ओलम्पिक में लगातार तीसरी बार ओलम्पिक खेलों में भारत की अगुवाई करते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया। मेजर ध्यानचंद ने अमेरिका जैसी महाशक्ति को ओलम्पिक में 23-0 से हराकर भारत का मान बढ़ाया। उन्होंने तानाशाह हिटलर की आँखों के सामने जर्मनी की टीम को ओलम्पिक के फायनल मुकाबले में उन्हीं के मैदान पर हराकर श्वेत रंग पर अभिमानी हिटलर के गुरूर को तोड़ दिया था। उन्होंने खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को मेजर ध्यानचंद से प्रेरणा लेने की सलाह दी। उन्होंने मंचासीन सभी स्टाॅर खिलाड़ियों की प्रशंसा की।
तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार से सम्मानित मध्य प्रदेश के पैरा खिलाड़ी सतेन्द्र सिंह लोहिया ने भी इस अवसर पर खिलाड़ियों का आव्हान करते हुए बताया कि उनका सफर बहुत कठिन था, उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि उन्होंने हौसलों से उड़ान भरी, भारत सरकार ने उनकी उपलब्धियांे को मान्यता देते हुए देश के सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित किया। प्रदेश सरकार ने भी उनको बहुत प्रोत्साहित किया जिसके लिए उन्होंने आभार माना।
1968 मैक्सिको ओलम्पिक के कांस्य पदक विजेता वरिष्ठ खिलाड़ी जिन्हें प्रदेश सरकार ने हाल ही में लाईफ टाईम एचिव्हमेंट अवार्ड-2019 के लिए चयनित किया है इनाम-उर-रहमान ने अपने उद्बोधन में दादा ध्यानचंद को याद करते हुए बताया कि वे 1964 के ओलम्पिक में चयनित होने की योग्यता रखते थे लेकिन अच्छे खेल के बावजूद उनका चयन नहीं हुआ। 1968 के ओलम्पिक की चयनित टीम में भी उनका नाम नहीं था। इस टीम के प्रशिक्षक मेजर ध्यानचंद थे। मेजर ध्यानचंद उन्हें व्यक्तिगत रूप से इतना नहीं जानते थे लेकिन उनके खेल से भलि-भांति परिचित थे। मेजर ध्यानचंद ने 1968 की चयनित टीम पर अपने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। मेजर ध्यानचंद ने चयन समिति को इनाम-उर-रहमान को टीम में शामिल करने की शर्त पर हस्ताक्षर करने को कहा।  मेजर ध्यानचंद के अथक प्रयासों से मेरा चयन 1968 की भारतीय ओलम्पिक टीम में हुआ। मैं व्यक्तिगत रूप से मेजर ध्यानचंद को याद करता हूं, उनके प्रयासों से मुझे 1968 के ओलम्पिक में खेलने का मौका मिला। इस टीम ने भारत के लिए कांस्य पदक अर्जित किया। इनाम-उर-रहमान ने खेल और युवा कल्याण विभाग का भी आभार माना उन्होंने बताया कि खेल और युवा कल्याण विभाग ने लाईफ टाईम अचिव्हमेंट से सम्मानित कर फिर से शहर और प्रदेश में मशहूर कर दिया।

ध्यानचंद एवं रूपसिंह इलेवन की टीमों के मध्य हुआ सिक्स-ए-साईड हाॅकी का प्रदर्शन मैच
ध्यानचंद इलेवन ने रूपसिंह इलेवन को 7-6 से हराया

मेजर ध्यानचंद हाॅकी स्टेडियम पर बरसते पानी में भी वरिष्ठ एवं युवा खिलाड़ियों का जोश देखते बनता था। मैत्री मैच में ध्यानचंद इलेवन ने रूपसिंह इलेवन को एक बहुत ही रोमांचक मुकाबले में 7-6 से हराया। मध्यांत तक रूपसिंह एकादश की टीम 3-2 से आगे थी। ध्यानचंद एकादश की टीम में राजिन्दर सिंह, जलालउद्दीन रिजवी, समीर दाद, अल्ताफ-उर-रहमान, अरमान कुरैशी, अफ्फान यूसुफ जैसे दिग्गज खिलाड़ी खेल रहे थे। रूपसिंह एकादश ने मध्य प्रदेश राज्य खेल अकादमी के युवा खिलाड़ी हिमांशु, दीपक, श्रेयश, कुनैन, अख्तर अली, मोहम्मद अनस, इस्लामउद्दीन, काशिफ खान जैसे नबोदित खिलाड़ी थे। यह पहला अवसर था जब सिक्स-ए-साईड का प्रदर्शन मैच ध्यानचंद स्टेडियम परिसर में खेला गया। ध्यानचंद एकादश की तरफ से अरमान कुरैशी ने 4 गोल, समीर दाद, अल्ताफ-उर-रहमान और अफ्फान यूसुफ ने एक-एक गोल किया। रूपसिंह एकादश की तरफ से समीर दाद के सुपुत्र कुनैन दाद ने 2, अख्तर, श्रेयश, हिमांशु और अंकित ने एक-एक गोल किया।

स्टाॅर खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों का हुआ सम्मान

मशहूर हाॅकी खिलाड़ी इनाम-उर-रहमान, राजेन्दर सिंह, जलालउद्दीन रिजवी, समीर दाद, अल्ताफ-उर-रहमान, अरमान करैशी, अफ्फान यूसुफ सहित रीजनल डायरेक्टर रजिन्दर सिंह, 2020 के द्रोणाचार्य अवार्डी  योगेश मालवीय एवं तेनजिंग नोर्गे पुरस्कार से सम्मानित पैरा खिलाडी  सतेन्द्र सिंह लोहिया का संचालक खेल  पवन कुमार जैन तथा प्रमुख सचिव ख्ेाल  पंकज राग ने किया सम्मान।

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