राम मन्दिर पर अदालत की टिप्पणी का स्वागत, सरकार सहयोग को तैयार: आदित्यनाथ

लखनऊ, 21 मार्च । मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने राम मन्दिर मुद्दे पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अदालत ने जो कहा वह स्वागत योग्य है। दोनों पक्षों को बैठक बातचीत से मामला सुलझाना चाहिए। हम सरकार की तरफ से हर सहयोग करेंगे। लोकसभा के बजट सत्र में अपने अन्मित भाषण के बाद आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट काफी कुछ सोच-समझ कर इस फैसले पर पहुंचा होगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपनी टिप्पणी में कहा कि यह एक संवेदनशील और भावनात्मक मामला है। कोर्ट ने कहा कि संवेदनशील मसलों का आपसी सहमति से हल निकालना बेहतर है। इस विवाद का हल तलाश करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को नये सिरे से प्रयास करने चाहिए। प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ऐसे धार्मिक मुददों को बातचीत से सुलझाया जा सकता है और उन्होंने सर्वसम्मति पर पहुंचने के लिए मध्यस्थता करने की पेशकश भी की। बेन्च में न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एस.के. कौल भी शामिल हैं। पीठ ने कहा कि ये धर्म और भावनाओं से जुड़े मुद्दे हैं। ये ऐसे मुद्दें हैं जहां विवाद को खत्म करने के लिए सभी पक्षों को एक साथ बैठना चाहिए और सर्वसम्मति से कोई निर्णय लेना चाहिए। आप सभी साथ बैठ सकते हैं और सौहार्द्रपूर्ण बैठक कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से इस मामले पर जल्द सुनवाई की मांग पर की है।

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