योगी सरकार ने किसानों का 36,359 करोड़ का कर्जा किया माफ

उत्तर प्रदेश में सरकार गठन के 16 दिन बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज (04 अप्रैल को) पहली कैबिनेट बैठक की।  इस बैठक में दोनों उप मुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा समेत तमाम मंत्री मौजूद थे। लखनऊ के लोक भवन में यह बैठक हुई। बैठक के बाद प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कैबिनेट मंत्री व प्रवक्‍ता श्रीकांत शर्मा ने फैसलों की जानकारी दी। उन्‍होंने कहा, ”गेहूं खरीद के लिए 7 हजार केंद्र बनाए जाएंगे। यूपी सरकार ने 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्‍य रखा है। पहले चरण में 40 और दूसरे चरण में 40 लाख मीट्रिक टन की खरीद की योजना है। जिलाधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि किसानों की मांग है तो और भी केंद्र खोले जा सकते हैं। गेहूं के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (1625 रुपए) के साथ-साथ प्रति क्विंटल पर 10 रुपए ढुलाई और लदाई भी मिलेगी।” आलू की खरीद के लिए भी तीन सदस्‍यीय कमेटी बनाई गई है।  शर्मा ने कहा कि ‘एंटी रोमियो स्‍कवैड’ अच्‍छा काम कर रही है।

कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ सिंह ने जानकारी दी कि यूपी में दो करोड़ 15 लाख छोटे किसान हैं। आदित्‍य नाथ सरकार ने छोटे किसानों का 30,729 करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया है। जिन किसानों ने 1 लाख रुपए तक का कर्ज लिया है, उनका ऋण माफ किया जाएगा। करीब 7 लाख किसान का कर्ज एनपीए में शामिल हो गए हैं, उन्‍हें मुख्‍य धारा में लाने के लिए सरकार ने 5630 करोड़ का कर्ज माफ कर दिया है। कुल मिलाकर सरकार ने 36,359 करोड़ रुपए का कर्जा माफ किया है। इसके तहत 86 लाख किसानों का कर्ज माफ होगा।

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