मन की बात : स्वस्थ रहने के लिए पेट के साथ प्लेट भी थोड़ी ख़ाली रखो

नई दिल्ली, 26 मार्च । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 30वें मन की बात कार्यक्रम के जरिये देश की जनता को संबोधित किया। रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने स्वास्थ्य के विषय में लोगों को जागरुक रहने की अपील की है। पीएम ने अपने सम्बोधन में कहा कि जो लोग स्वास्थ्य के संबंध में जागरूक होते हैं, वो हमेशा कहते हैं- पेट भी थोड़ा ख़ाली रखो, प्लेट भी थोड़ी ख़ाली रखो। जब स्वास्थ्य की बात आई है तो सात अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस है को याद रखना आवश्यक हो जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने 2030 तक सबको स्वास्थ्य का लक्ष्य तय किया है। इस बार संयुक्त राष्ट्र ने सात अप्रैल विश्व स्वास्थ्य दिवस को डिप्रेशन विषय पर केन्द्रीत किया है। डिप्रेशन इस बार की उनकी थीम है। प्रधानमंत्री ने कहा हम लोग भी डिप्रेशन शब्द से परिचित हैं, जिसका शाब्दिक अर्थ अवसाद है। एक अनुमान है कि दुनिया के अन्दर 35 करोड़ से ज़्यादा लोग मानसिक रूप से, अवसाद से पीड़ित हैं। मुसीबत ये है कि हमारे अगल-बगल में भी इस बात को हम समझ नहीं पाते हैं और शायद इस विषय में खुल कर के बात करने में हम संकोच भी करते हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मन की बात कार्यक्रम में मोदी ने बंगलादेश के नागरिकों को स्वतन्त्रता दिवस की बधाई दी। इसके बाद उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह हम सब की प्रेरणा है। 23 मार्च को भगत सिंह औऱ उनके साथी सुखदेव औऱ राजगुरु को अंग्रेजों ने फांसी दे दी थी। उन्होंने अपने सपने मां भारती की आजादी में समाहित कर दिए थे। उन्होंने देश के युवाओं से अपील कि है कि जब भी समय मिले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की समाधि पर जरूर जाएं और प्रेरणा ले। चंपारण सत्याग्रह में महात्मा गांधी की संगठन शक्ति सामने आई थी। सामाजिक जीवन की शुरुआत करने वाले चंपारण सत्याग्रह को अवश्य जानें। गांधी जी देश की नब्ज को समझते थे। गांधी जी ने संघर्ष और निर्माण दोनों सिखाया।

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