भोपाल : पकड़े गए नकली नोट छापने वाले, गांव में चलाने की थी तैयारी

भोपाल। भोपाल में कुछ दिनों के अंतराल पर एक बार फिर नकली नोट छापने वाले एक गिरोह की धरपकड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की संयुक्त कार्रवाई में 3 लोगों को गिरफ्तार करते हुए उनसे 11 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए हैंl
आरोपियों ने बताया कि पैसों की तंगी के चलते नकली नोट छापना शुरू किया था। इन्हें गांव के बाजारों में चलाने की तैयारी की गई थी।
आरोपियों की पहचान गजराज सिंह साहू, मोहन विश्वकर्मा और निखिल शर्मा के तौर पर हुई है।
गिरोह का सूत्रधार गजराज सिंह बताया जा रहा है, जिसने कलर प्रिंटर के माध्यम से ये काम करना शुरू किया।
ऐसे आए  पकड़ में..
एक सूचना के बाद टीम ने टीला जमालपुरा निवासी 32 वर्षीय फईम कुरैशी को काजीकैंप रिलायंस पेट्रोल पंप के पास से उठाया था। उसकी पेंट की जेब से एक लिफाफा मिला, इसमें 2000-2000 के 75 नकली नोट (डेढ़ लाख रुपए) मिले। एएसपी क्राइम रश्मि मिश्रा के मुताबिक पूछताछ में उसने अपने साथी बुधवारा निवासी दानिश अली का नाम बताया, जिसने ये नोट चलाने के लिए उसे दिए थे। टीम ने दानिश को भी हिरासत में ले लिया। उसके पास से टीम को 2000-2000 रुपए के 15 नोट औ 100-100 रुपये के तीन नोट मिले। दानिश ने अपने दो अन्य साथियों वसीम उर्फ समीर शेख और जितेंद्र के नाम भी बताए। पुलिस ने इन दोनों को भी हिरासत में ले लिया। वसीम के पास से दो-दो हजार के आठ नोट और जितेंद्र के पास से पांच नोट मिले।
नोटबंदी के फैसले के बाद आया आइडिया
दानिश इस गिरोह का मास्टर माइंड है। सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद उसे यह आइडिया आया। इसके बाद उसने कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट छापने के लिए तीनों साथियों को अपने साथ मिलाया। सभी को उसने कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच दिया था। इसके बाद आरोपियों ने जितेंद्र के अशोका गार्डन स्थित अनुश्री फोटो स्टूडियो में नकली नोट छापने शुरू कर दिए।
ग्रामीण इलाकों में चलाना चाहते थे नकली नोट
शुरुआत में आरोपियों ने दो-दो हजार के नकली नोट छापे। इसके लिए खराब कागज का इस्तेमाल किया, इसलिए कामयाब नहीं हो सके। दूसरी खेप में उन्होंने कड़े कागज का इस्तेमाल कर नोट छापे। ये नोट ग्रामीण इलाकों में आसानी से चल गए। इन नोटों को वे 40 फीसदी पर चलाने वाले थे। यानी सौ रुपए के नोट के बदले 40 रुपए लेते। पुलिस ने आरोपियों के पकड़े जाने की सूचना आरबीआई को भी दी है। पकड़े गए आरोपियों में फईम केबल ऑपरेटर है, दानिश एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में सुपरवाइजर है। वसीम शेख फोटोग्राफर है, जबकि जितेंद्र रैकवार फोटो स्टूडियो चलाता है।
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