भोपाल. क्राइम ब्रांच ने 71 लाख की ठगी करने वाली गैंग के सदस्य को दिल्ली से किया गिरफ्तार

 

 

क्राइम ब्रांच ने भोपाल की महिला से 71 लाख की ठगी करने वाली आईवीरियन गैंग के एक सदस्य जोसेफ डायजो को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गैंग के सदस्य शादीशुदा महिलाओं से सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर जाल में फंसाते हैं फिर महंगा गिफ्ट देने के नाम पर लाखों रुपए वसूल लेते थे। ठगी करने के लिए गैंग के सदस्य अलग-अलग नंबरों से एयरपोर्ट के बाहर और कस्टम विभाग के कार्यालय के बाहर से महिलाओं को वीडियो कॉल करते थे।

 

भोपाल क्राइम ब्रांच के अनुसार, इंद्रपुरी निवासी नरेश मुदगल ने कुछ महीने पहले बहन प्रीति शर्मा के साथ विदेशी व्यक्तियों द्वारा 71 लाख की ठगी का केस दर्ज कराया था। विदेशी युवकों ने पहले तो प्रीति से सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती की। इसके बाद पार्सल से एक करोड़ रुपये का कीमती तोहफा भेजने के झांसे में ले लिया।

प्रीति ने पार्सल भेजने वाले और पार्सल डिलिवर करने वाले दो अज्ञात व्यक्तियों के झांसे में आ गई और उस पार्सल को प्राप्त करने के लिये पार्सल डिलेवरी चार्ज के नाम पर 13 अलग-अलग बैंक खातों में करीब 71 लाख रुपए जमा कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए। कई दिनों की कोशिश के बाद भी जब मोबाइल चालू नहीं हुए तो प्रीति को ठगी का अहसास हुआ।

भोपाल पुलिस ऐसे ही एक मामले में नाईजीरिया मास्टरमाइंड आरोपी अबूह मारवलस उच को दिल्ली से पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। दूसरा मामला सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने एक बार फिर इस मास्टरमाइंड से पूछताछ की। उससे क्राइम ब्रांच को दिल्ली में रह रहे आईवॉरियन (रिपब्लिक कोट डिवायर) निवासी जोसेफ डायजो का पता चला। टीम दिल्ली पहुंची और जोसेफ डायजो को गिरफ्तार कर भोपाल ले आई।

ऐसे फंसाते थे शादीशुदा महिलाओं को

आरोपियों की टीम का एक सदस्य पहले शादीशुदा महिलाओं से सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर महिलाओं से दोस्ती करता था। बाद उन्हें विश्वास में लेता कि कोई कीमती गिफ्ट या बड़ी रकम पार्सल से भेज रहा है।
टीम का दूसरा सदस्य महिला को वॉट्सएप और कॉल के माध्यम से यह बताता है कि वह डिलेवरी एजेंट है। वह व्यक्ति एक देश से दूसरे देश पार्सल डिलेवर करने का बहाना करता है। उसके बाद वह स्वयं को किसी देश के एयरपोर्ट पर खुद के पकड़े जाने की खबर देता है।
ये युवक महिला से फोन कर कहता कि उसे यह नहीं बताया गया कि पार्सल में इतना कीमती गिफ्ट है, इस कारण डिलेवरी एजेंट कस्टम विभाग द्वारा पकड़े जाने का बहाना बनाता था।
इस दौरान डिलेवरी एजेंट महिला से डिलेवरी चार्ज, दोनों देशों में लगने वाला टैक्स, एंटी मनी लॉन्डरिंग सर्टिफिकेटए, एंटी टेररिज्म सर्टिफिकेट और अन्य कई बहानों से महिला से मोटी रकम बैंक अकाउंट्स में जमा करवा लेता है।
इस दौरान डिलेवरी एजेंट महिला को यह कहकर डराता था कि यदि उसने राशि जमा नहीं की तो पार्सल भेजने और प्राप्त करने वाले व्यक्ति को एंटी मनी लॉन्डरिंग एक्ट और एंटी टेररिज्म एक्ट में जेल जाना पडे़गा।

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