बिना सत्यापन लाखों का भुगतान-सीएजी की रिपोर्ट

भोपाल, 28 मार्च । प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में बिना सत्यापन और निर्धारित प्रक्रिया अपनाए बिना लाखों रुपये का भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा हाल ही में जारी की गई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में इंदौर के एमवाय अस्पताल, ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल और भोपाल के जेपी अस्पताल में भुगतान में हुई गड़बड़ियों का जिक्र किया गया है। सीएजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इंदौर के एमवाय अस्पताल ने मार्च, 2014 से मार्च, 2015 के बीच पुस्तिकाओं, डिस्चार्ज कार्ड, विभिन्न तरह के फॉर्म आदि की प्रिंटिंग निजी फर्मों से कराई थी। अस्पताल ने इस काम के लिए इन फर्मों को 58.91 लाख रुपये का भुगतान किया था। इसी तरह ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल ने भी ऐसे ही प्रिंटिंग कार्य के लिए 22.59 लाख रुपये का भुगतान किया था, जो नियमों के अनुसार उचित नहीं है। राजधानी भोपाल के जेपी अस्पतिक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2014-15 में यहां लिनेन कपड़ों की धुलाई के लिए 48.67 लाख रुपये का अधिक भुगतान कर दिया गया। अस्पताल ने लिनेन कपड़ों की धुलाई का काम मेसर्स मित्तल लांड्री सर्विसेज से कराया था। इस फर्म ने 901382 कपड़ों की धुलाई का बिल प्रस्तुत किया, जबकि वास्तव में धुलाए गए कपड़ों की संख्या 221523 ही थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि रोगी कल्याण समिति के सचिव ने फर्म द्वारा प्रस्तुत बिलों का सत्यापन किया था, इस आधार पर वास्तविक सत्यापन किए बिना ही बिलों का भुगतान कर दिया गया।

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