बिगड़ रही प्रदेश की अन्य नदियों की सेहत

भोपाल, 06 मार्च । एक तरफ प्रदेश सरकार नर्मदा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए नर्मदा सेवा यात्रा का आयोजन कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश की अन्य नदियां जिनमें से कई नर्मदा की सहायक नदियां ही हैं, की सेहत बिगड़ती जा रही है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा जारी की गई इन नदियों के पानी की जांच रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश की खान, मंदाकिनी, क्षिप्रा और चंबल जैसी नदियों का जल कई स्थानों पर प्रदूषित पाया गया है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा नवंबर 2016 और दिसंबर 2016 में इन नदियों से सैंपल लिए गए थे और इनकी जांच रिपोर्ट भी अलग-अलग प्रकाशित की गई है। इन रिपोर्टों के अनुसार खान नदी कबीटखेड़ी, शक्कर खेड़ी और सांवेर में, क्षिप्रा उज्जैन स्थित त् से एक किमी दूर, गौघाट, सिद्धवट व महिदपुर में प्रदूषित है। इसी तरह मंदाकिनी नदी चित्रकूट के रामघाट में और चंबल नदी नागदा से एक किमी दूर पूरी तरह से प्रदूषित पाई गई है। खान नदी के कबीटखेड़ी के इलाके में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) तय मानक से 567 प्रतिशत अधिक है। जबकि, डिजॉल्व्ड ऑक्सीजन (डीओ) की मात्रा तय मानक से 35 फीसदी तक कम है। इसी तरह मंदाकिनी के रामघाट में टोटल कोलीफॉर्म (टीसी) की मात्रा 3780 एमपीएन प्रति 100 मिली है। हालांकि यह मात्रा तय मानक से 24 फीसदी ही कम है। लेकिन प्रदेश की अन्य सभी नदियों की तुलना में सबसे ज्यादा है। वाटर क्वालिटी स्टेटस रिपोर्ट में नर्मदा नदी की स्थिति संतोषजनक बताई गई है। कारण खोजेगा प्रदूषण नियंत्रण मंडल नदियों में प्रदूषण के बारे में प्रदूषण नियंत्रण मंडल के मेंबर सेक्रेटरी एए मिश्रा का कहना है कि मंडल ने उन 11 स्थानों को चिह्नित कर लिया है, जहां ये नदियां सबसे ज्यादा प्रदूषित हैं। मंडल इन स्थानों पर अध्ययन करके इन नदियों के प्रदूषित होने की वजहें खोजेगा। इसके बाद प्रदूषण को खत्म करने के उपाय भी किए जाएंगे।

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