प्रदेश में बंद होंगी शराब की दुकानें: शिवराज

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार शाम को नरसिंहपुर जिले के ग्राम नीमखेड़ा (हीरापुर) पहुंचे और नमामि देवी नर्मदा सेवा यात्रा में शामिल हुए। रात को यहां आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में नशामुक्ति का आंदोलन चलेगा। प्रथम चरण में नर्मदा नदी के दोनों तट पर पांच-पांच किलोमीटर तक शराब की दुकानें एक अप्रैल से बंद कर दी गई हैं।

उन्होंने कहा कि अब रिहायशी इलाकों, शिक्षण संस्थाओं और धार्मिक स्थलों के पास शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से शराब की सभी दुकानें बंद कर प्रदेश में शराब-बंदी लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि नदियां बचेंगी, तो मानव-सभ्यता और संस्कृति बचेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने मां ताप्ती, बेतवा और क्षिप्रा की धार को टूटते हुए देखा है। अगर मां नर्मदा की धार टूटी तो जीवन नहीं बचेगा। उन्होंने बताया कि एशिया की सर्वश्रेष्ठ खेती नरसिंहपुर जिले में मां नर्मदा के कारण ही होती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अगामी मानसून सत्र में मासूमों के साथ दुराचार करने वालों को फांसी की सज़ा देने संबंधी विधेयक लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नरसिंपुर में गौ-वंश वन्य विहार की स्थापना की जाएगी ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दो जुलाई को अमरकंटक से बड़वानी तक नर्मदा के तट पर लाखों लोग करोड़ों पेड़ लगायेंगे। मां नर्मदा मध्यप्रदेश की समृद्धि का आधार है, जो दर्जनों शहर को पेयजल उपलब्ध करवाती है। इसकी कृपा से मध्यप्रदेश को चार बार कृषि कर्मण अवार्ड मिला है। प्रदेश को सिंचाई के लिए जल और बिजली उपलब्ध करवाती है। यात्रा नर्मदा को बचाने और उसका कर्ज उतारने की यात्रा है। नर्मदा के दोनों तटों के शहरों में ट्रीटमेंट प्लांट बनाये जाएंगे तथा साफ पानी को खेतों में ले जाया जाएगा। उन्होंने संकल्प दिलवाया कि नर्मदा के तटों पर पेड़ लगायें, इसके किनारे के गाँवों में हर घर में शौचालय बनायें, पूजन-सामग्री पूजन कुण्ड में डालें। नर्मदा के किनारे चेंजिंग रूम और मुक्तिधाम बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को बचायें और हर बच्चे को स्कूल भेंजे।

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