पोल खुलते ही अखिलेश सरकार ने वेबसाइट से हटा लिया पेज: पीएम मोदी

जौनपुर, 04 मार्च । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले मैने सपा सरकार का कच्चा चिट्ठा खोल दिया था। सपा सरकार कह रही है कि काम बोलता है। मैं जरा पूछना चाहता हूं कि काम बोलता है या कारनामा बोलता है, तो उनको बुरा लग गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसलिए मैने सपा सरकार की अधिकृत वेबसाइट को देखा। उसमें लिखा जब मैने पढ़ दिया तो सरकार लाल पीली हो गई। लखनऊ से आर्डर आ गया और जिस वेब पेज को मैने पढ़ा था, पोल खुलने पर उसे वेबसाइट से हटा दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बताईये इससे बड़ा कारनामे का सबूत हो सकता है क्या? प्रधानमंत्री ने जौनपुर के बारे में कहा कि इतिहास इसकी कोख में पला है, ऐसी जौनपुर की धरती, वीरों नौजवानों और माताओं को मेरा नमन। मां भारती की रक्षा के लिए जब भी बलिदान देने का अवसर आया, आज भी आतंकवादियों, दुश्मनों से लड़ते-लड़ते शहीद होने वालों में जौनपुर के नौजवान अग्रिम पंक्ति में होते हैं। ऐसे वीरों की धरती को प्रणाम करने का आज मुझे मौका मिला। पीएम मोदी ने कहा कि जब चुनाव शुरू हुआ तो मौसम ठण्ड था, लेकिन जौनपुर पहुंचते-पहुंचते पारा चढ़ता जा रहा है। ऐसी गर्मी में भी मैं यह जनसागर देख रहा हूं। चारों तरफ लोग ही लोग हैं, मैं आपका आभारी हूं।

उन्होंने कहा कि हमारे देश का यह दुर्भाग्य रहा है कि सत्ता के स्वार्थ में डूबे हुए और विरोधवाद की राजननीति करने के आदी लोग कभी-कभी मर्यादाएं खो बैठते हैं और ऐसा पाप कर बैठते हैं कि जिसको न समय और न लोग माफ करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि सीमा पार जाकर हमारी फौज ने दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिए। आतंकवादियों के कैम्प ध्वस्त कर दिए और सूरज उगने से पहले हमारे सारे फौजी जवान हिन्दुस्तान की धरती पर लौट आये। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह फौज का कितना बड़ा साहसपूर्ण और बारीकी से तैयार किया हुआ प्लान था। आज पूरे विश्व के देश अभी भी इसका अध्ययन कर रहे हैं, लेकिन देश का दुर्भाग्य है कि राजनीतिक स्वार्थ में डूबे कुछ लोग देश की वीर फौज और जवानों पर सवाल खड़ा करने लग गए। सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगने लगे। मैं ऐसे दलों और नेताओं से कहता हूं कि जरा जौनपुर जाईए और वीर जवानों की माताओं से पूछिये कि फौज बलिदान कैसे देती है। इनके लिए देश की सुरक्षा भी राजनीति का हथकण्ड बन गया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने वन रैंक वन पेन्शन का जिक्र करते हुए कहा कि देश की फौज 40 साल से ओआरओपी के लिए मांग कर रही थी। फौज के लोग अपना हक मांग रहे थे, सरकारें आती-जाती थीं, कमेटियां गठित होती थीं और उनकी रिपोर्ट डिब्बे में बन्द हो जाती थी, लेकिन फौज के लोगों की बात नहीं सुनी जाती थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैने ओआरओपी का वादा किया था। वहीं पुरानी सरकार ने चुनाव के दो महीने पहले महज 500 करोड़ रूपए घोषित कर दिया। जब मैं सरकार में आया तो मैने हिसाब-किताब किया, पता चला कि फौज को 12 हजार करोड़ रूपए की जरूरत था। अगर उन्हें देना था तो 12 हजार करोड़ रूपए का प्रबन्धन करना चाहिए था। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक हम साढ़े छह हजार करोड़ रूपए दे चुके है और जल्द ही बाक की धनराशि दे दी जायेगी। पीएम मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार बनने के बाद हम छोटे किसानों की फसल का कर्ज माफ कर देंगे। 11 मार्च को चुनाव के नतीजे आयेंगे। सपा, बसपा और कांग्रेस का सूपड़ा साफ होने वाला है। 13 मार्च को पूरा देश होली मनायेगा। रंग भर-भर के होली मनायेगा। होली के बाद नई सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद पहली मीटिंग में यूपी के सांसद के नाते मैं विश्वास दिलाता हूं कि किसानों के कर्ज को माफ करने का निर्णय कर दिया जायेगा। हम जो कहते हैं, समय सीमा में करके रहते हैं।

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