पीएम मोदी ने किया एशिया की सबसे लम्बी चनैनी-नाशरी टनल का उद्घाटन

जम्मू। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एशिया की सबसे पहली व लम्बी चनैनी-नाशरी सड़क टनल का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने उद्घाटन के बाद इस सड़क सुरंग का मुआयना भी किया। प्रधानमंत्री अपने विशेष विमान से जम्मू के तकनीकी एयरपोर्ट पहुंचे और फिर हेलीकाप्टर से चनैनी पहुंचने पर 3720 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुई एशिया की सबसे लंबी सड़क सुरंग देशवासियों को समर्पित की। इस सुरंग की लम्बाई 9.28 किलोमीटर है और इसके बनने से जम्मू और श्रीनगर के बीच 41 किमी की दूरी कम हो गई है। इससे 27 लाख रुपए कीमत का ईंधन प्रतिदिन बचेगा जो एक बड़ी उपलब्धि है।

इस सुरंग का निर्माण कार्य 23 मई 2011 को शुरू हुआ था। मुख्य सुरंग का व्यास 13 मीटर है जबकि समानांतर जाने वाली छोटी सुरंग का व्यास 6 मीटर है। ये दोनों सुरंगे हर 300 मीटर की दूरी पर 29 बार एक-दूसरे से मिलती हैं। यह सभी तकनीकी सुविधाओं से लैस है यानी इसमें संचार नियंत्रण, सीसीटीवी, वेंटीलेशन, बिजली सप्लाई और अग्निनिरोधी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री के जम्मू पहुंचने पर राज्यपाल एन.एन. वोहरा, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती व उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह सहित कई नेताओं ने उनका स्वागत किया।

चनैनी-नाशरी टनल में लगाए गए हैं 124 सीसीटीवी कैमरे

रविवार को प्रधान मन्त्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन की गई जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी एशिया की सबसे लंबी चनैनी-नाशरी टनल की लम्बाई 9.28 किलोमीटर है। जबकि दुनिया की सबसे लम्बी सुरंग 24.51 किलोमीटर की नार्वे में है। निगरानी के लिए टनल के भीतर और बाहर 124 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।

सुरंग में दोनों छोर पर एक-एक पैन टिलट जूम 360 डिग्री घूमने वाला कैमरा नजर रखता है। शेष टनल में 124 फिक्स कैमरे लगे हैं जिनका रुख चनैनी से नाशरी की तरफ है ताकि टनल के कंट्रोल में आने-जाने वालों की निगरानी आसानी से हो सके। दोनों तरफ टोल प्लाजा व टनल की प्रवेश रोटरी पर भी 20 कैमरे लगे हैं। विदेशी कंपनी फ्लर के सभी सीसीटीवी कैमरों में ऑटोमेटिक इंसीडेंस डिटेक्शन सेंसर लगे हैं जिसकी मदद से वाहनों की ओवर स्पीड, रिवर्स मोशन, वाहन के रुकने, फालन ऑब्जेक्ट, पेडस्ट्रियन मूवमेंट, आग और धुएं की जानकारी कंट्रोल रूम में मिलती है। टनल के दोनों छोर पर आने व जाने वाले छोटे-बड़े वाहनों का आंकड़ा सेंसर उपलब्ध करवाएगा। इसके अलावा पूरी टनल में हीट असेसमेंट केबल लगी है जो टनल में तापमान की जानकारी देती है। टनल में लगे सभी कैमरों की रिकॉर्डिग 14 दिन तक स्टोर रह सके इसके लिए 128 टेराबाइट हार्ड डिस्क लगाई गई है।

वहीं एलपीजी सिलेंडरों सहित ज्वलनशील पदार्थ ले जाने वाले वाहनों को चिनैनी-नाशरी टनल से जाने की अनुमति नहीं होगी। हल्के वाहनों के लिए एकतरफा टोल टैक्स 60 रुपए होने की संभावना जबकि भारी वाहनों के लिए 200 रुपए होने की संभावना है। लोगों की सुरक्षा और सुरक्षा के निमयों को ध्यान मे रखते हुए प्रेट्रोलियम पदार्थ ले जाने वाले वाहनों को टनल से जाने की अनुमति नहीं दी जायेगी।अपने मवेशियों सहित जाने वाले खानाबदोश लोगों को इससे गुजरने की अनुमति नहीं होगी और साईकिल पर यात्रा करने वालों को भी टनल के अन्दर जाने की अनुमति नहीं होगी। निर्धारित बजन से अधिक बजन ले जाने वाले ट्रकों को भी इसमें जाने की अनुमति नहीं होगी। वीडियो रिकार्डिंग करने पर भी प्रतिबंध होगा।

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