पाकिस्तान में भी लोगों पर चढ़ा बजरंगी भाईजान का खुमार

bajrangi-bhaijaanलाहौर। ‘बजरंगी भाईजान’ का खुमार पाकिस्तान के दर्शकों पर कुछ इस कदर छाया है कि इस फिल्म के प्रदर्शन के एक सप्ताह बाद भी लोगों की भीड़ इसे देखने के लिए उमड़ रही है। फिल्म में भारत-पाक के सकारात्मक संदेश की बदौलत सलमान खान की इस फिल्म को शानदार प्रतिक्रिया मिली है।

सिनेमाघरों के मालिकों का दावा है कि उन्होंने फिल्म देखने के बाद बड़ी संख्या में लोगों को नम आंखों के साथ सिनेमाघरों से निकलते देखा है। यह फिल्म बजरंगबली के भक्त पवन कुमार चतुर्वेदी की कहानी है, जो छह साल की एक गूंगी पाकिस्तानी बच्ची को उसके गांव तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए भारत से पाकिस्तान आता है।

लाहौर के ‘सिने स्टार सिनेमा’ के शहराम रजा ने कहा कि मैं पिछले सात साल से सिनेमा के इस कारोबार में हूं लेकिन मैंने कभी इतनी बड़ी संख्या में लोगों को आंखों में आंसू लिए सिनेमा हॉल से बाहर आते नहीं देखा। बजरंगी भाईजान’ के हर शो के बाद यहां मैंने ऐसा होते देखा है। टिकट काउंटर पर काम करने वाले रजा कहते हैं कि लोग ‘बजरंगी भाईजान’ की टिकटें खरीदते हुए बहुत उत्साहित दिखाई पड़ते हैं।

उन्होंने कहा कि जैसे ही शो खत्म होता है, उनमें से ज्यादातर लोगों, खासकर महिलाओं, की आंखों में आंसू भर होते हैं। दूसरी फिल्मों में, लोग जोर-जोर से बातें करते बाहर आते हैं लेकिन ‘बजरंगी भाईजान’ के मामले में मुझे मुश्किल ही किसी की बातचीत सुनाई देती है। रजा कहते हैं कि फिल्म की भावनात्मक कहानी के कारण लोग इस फिल्म से जुड़ाव महसूस कर पाए हैं।

पाकिस्तान में कुछ युवाओं ने यह फिल्म दो बार देखी है। ऐसे दर्शकों में मोमिना राना भी शामिल हैं। उनका कहना है कि यह शायद पहली ऐसी भारतीय फिल्म है, जिसमें पाकिस्तान को सकारात्मक रूप में दिखाया गया है। वह कहती हैं कि वह बॉलीवुड के फिल्मकारों की सोच में आए इस बदलाव को देख कर खुश हैं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और भारत दोनों की ही आम जनता अमन पसंद है। इसीलिए इस फिल्म को यहां और भारत में दोनों ही जगह इतनी अधिक सराहना मिली है। मैं इस फिल्म को बार-बार देखना पसंद करूंगी क्योंकि ऐसी फिल्म रोज नहीं बनती। पाकिस्तान फिल्म वितरक संघ के अध्यक्ष जोराएज लशारी ने कहा कि ‘बजरंगी भाईजान’ की बदौलत इस साल ईद की छुट्टियां बहुत अच्छी गुजरीं।

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