नर्मदा के बिना जीवन नहीं: सीएम

 

 

 

 

सीहोर। साधना मुझसे कहती हैं कि आप मंच से बार-बार एक ही बात क्यों दोहराते हैं।

मैंने उन्हें बताया कि मैं अपनी बात को मंत्रों की तरह जपता हूं। जैसे बार-बार मंत्रों को जपने से उद्धार होता है। वैसे ही जनता के सामने एक ही बात बार-बार दोहराने से उन्हें आसानी से बात समझ आ जाती है। ये बात रविवार को शाहगंज के सोड़ानिया गांव में नर्मदा यात्रा के 99 वें दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह मंच से कही। इस अवसर पर पंडित कमल किशोर नागर, अभिनेता विवेक ओबराय सहित अन्य साधु-संत मौजूद थे। इस मौके पर वासुदेव महाराज ने कहा कि लालच ने मनुष्य को इतना कठोर हृदय बना दिया है कि वह जीवन के स्त्रोत को ही नष्ट करने पर उतारू है। नर्मदा बहती रहे इसके लिए जरूरी है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जो नर्मदा सेवा यात्रा निकाल रहे हैं। वह सबसे अच्छा विकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग भाग्यशाली हैं, उन्हें एक ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जिसका दिल धड़कता है। नर्मदा सेवा यात्रा को आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह यात्रा अभूतपूर्व रूप से सफल होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से ऐसा अभियान पूरे देश में चलाने की चर्चा की जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री को कैलाश तीर्थ पवित्र जलपात्र भेंट किया।  पवित्र नर्मदा नदी आनंद देती है। यह सभ्यता की जननी है, इसलिए इसका संरक्षण जरूरी है। नदियों को अब हमें बचाना होगा

सदगुरू ने कहा कि हमें बचाने वाली नदियों को अब हमें बचाना होगा। नर्मदा गौरव के साथ बहती रहे इसके लिए। इसके किनारों पर पेड़ लगाना जरूरी हो गया है। इसके लिए नीति बनानी होगी। उन्होंने कहा कि नदियों को बचाने के लिए केंद्र सरकर से वार्ता चल रही है। जब भारत में जंगल थे तो नदियां भी कल कल बहती थी। जंगल खत्म होने से नदियों का बहाव कम हो गया है। उन्होंने कहा कि नदियों के किनारों की मिट्टी बचाना जरूरी है नहीं तो सूरज की गर्मी से मिट्टी रेत में बदल जाएगी और रेगिस्तान बन जाएगा।

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नर्मदा के बिना जीवन नहीं चल सकता। उन्होंने कहा कि नर्मदा को अविरल बनाने के लिए संपूर्ण समाज को आगे आना होगा। अद्भुत जन आंदोलन बन गया। जल की धार बचाने के लिए लाखों लोग करोड़ों पेड़ लगाएंगे। किसानों की जमीन पर फलों के पेड़ लगाए जाएंगे। दो जुलाई को एक साथ पौधरोपण किया जाएगा। सभी शहरों में ट्रीटमेंट प्लांट लगाएंगे, जिससे गन्दा पानी नदी में मिलने नहीं पाए। उन्होंने शौचालय का उपयोग करने, पूजन सामग्री भी नर्मदा जल में नहीं डालने, मूर्तियां विसर्जित नहीं करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि नर्मदा किनारे विसर्जन कुंड बनाए जाएंगे। मुक्तिधाम बनाया जाएगा। नशा मुक्ति का अभियान पूरे प्रदेश में चलेगा। नर्मदा किनारे शराब की दुकानें बंद कर दी जाएगी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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