देश के साथ मध्यभारत प्रान्त में भी बढ़ रहा है संघ कार्य: अशोक पांडेय

भोपाल, 24 मार्च । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक 19-21 मार्च को कोयम्बटूर में सम्पन्न हुईत। इस संबंध में शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मध्यभारत प्रान्त के प्रान्त सह संघचालक अशोक पांडेय ने बताया कि प्रतिनिधि सभा में 11 क्षेत्र, 42 प्रान्तों से 1396 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संघ की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई “अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा” का विधिवत शुभारंभ 19 मार्च को प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत तथा सरकार्यवाह भैय्याजी जोशी ने किया। इस तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा बैठक के दौरान देश व समाज से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में हिन्दू समाज पर हो रहे अत्याचार और निरंतर बढ़ रहे जिहादी तत्वों पर प्रमुखता से चिंता जताते हुए प्रतिनिधि सभा ने प्रस्ताव पारित किया है। पांडेय ने कहा कि देशभर में पिछले वर्ष 56,859 शाखाएं थी, जो इस वर्ष बढ़कर 57,185 हो गई हैं । इनके अलावा 14,896 साप्ताहिक मिलन और 8,226 मासिक मिलन चल रहे हैं। पिछले वर्ष की तुलना में साप्ताहिक मिलानों में 1101 मिलन की वृद्धि हुयी है । वहीं, शिक्षा में शामिल होने वाले शिक्षार्थी स्वयंसेवकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है । पूरे देश में इस वर्ष संघ के प्राथमिक शिक्षा वर्ग में एक लाख से अधिक शिक्षार्थियों ने भाग लिया। इसी प्रकार प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले 20 से 25 दिन के संघशिक्षा वर्गों में लगभग 26,000 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। मध्यभारत में संघ कार्य : प्रान्त में वर्ष 2015 में 1,326 शाखाएं थीं, जो वर्ष 2016 में बढ़कर 1,439 हो गयीं हैं। बाल कार्य में गुणात्मकता और शाखाओं की वृद्धि की दृष्टि से मध्यभारत प्रांत में विशेष प्रयास किया गया। 24 से 27 नवंबर, 2016 को गुना में आयोजित प्रांतीय शिविर में 30 जिलों के 1,876 बाल स्वयंसेवक सहभागी हुए। ग्वालियर महानगर विभाग (ग्वालियर, लश्कर और डबरा) की सभी 137 बस्तियों में से 136 बस्तियां शाखायुक्त हो गई हैं। महाविद्यालयीन विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में संघ के संपर्क में आकर संघकार्य से जुड़ रहे हैं। ज्वाइन आरएसएस के माध्यम से भी बड़ी संख्या में लोग संघ से जुड़ रहे हैं, जिनके प्रशिक्षण वर्ग भी संपन्न हुए हैं। पश्चिम बंगाल में हिंसा पर प्रस्ताव पारित : दशकों से वामपंथी हिंसा का शिकार बना पश्चिम बंगाल सत्ता परिवर्तन के पश्चात् शांति और सुव्यवस्था की अपेक्षा कर रहा था, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद हिन्दू समाज पर अत्याचारों की घटनाएं बढ़ी हैं। मालदा एवं धूलागढ में सत्ता प्रोत्साहित जेहादी हिंसाचार के कारण हिन्दू समाज को पलायन के लिए विवश होना पड़ा है। सभा में ‘पश्चिम बंगाल में बढ़ती जिहादी गतिविधियां-राष्ट्रीय हितों की चुनौतियाँ’ शीर्षक से प्रस्ताव पारित किया गया। केरल में हिंसा पर चिंता : केरल में संघ और सम वैचारिक संगठन के कार्यकर्ताओं के विरुद्ध हो रही हिंसा पर भी प्रतिनिधि सभा में चिंता व्यक्त की गयी। इस हिंसा के विरोध के में देशभर में 583 स्थानों पर धरने प्रदर्शन हुए, जिनमें 32 हजार महिलाओं सहित 3 लाख 72 हजार नागरिकों ने आक्रोश जताया। इसके अलावा प्रतिनिधि सभा की बैठक में सर्जिकल स्ट्राइक का निर्णय लेने पर सरकार की सामरिक कुशलता की सराहना की और इस साहसिक कार्य के लिये सैनिक तथा अधिकारियों का अभिनंदन किया गया। पाकिस्तान के विरोध में अंतर्राष्ट्रीय जनमत बनाने में सफल भूमिका निभाने के लिए भी केंद्र सरकार की सराहना की। विमुद्रीकरण का निर्णय को सभा ने केन्द्र सरकार का साहसिक निर्णय बताया। कालाधन, जाली नोट, आतंकवादियों द्वारा धनशक्ति के बल पर निर्माण की जाने वाली समस्याओं के निदान की दिशा में उठाये गए इस कदम का अभिनंदन किया। इसके साथ ही एक साथ 104 उपग्रह छोड़ने की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि प्राप्त करने के साथ ही अन्तरिक्ष विज्ञान के जगत में विशिष्ट उपलब्धियां प्राप्त करने के लिए सभा ने इसरो के वैज्ञानिकों का अभिनन्दन किया है। पत्रकारों द्वारा राम मंदिर के संबंध में पूछे गए प्रश्नों के जवाब में उन्होंने कहा कि यह मामला उच्चतम न्यायलय के समक्ष है और उच्चतम न्यायलय का जो भी फैसला होगा हम उसका पालन करेंगे। गौ हत्या के संबंध में उन्होंने कहा कि संघ गौ हत्या का विरोध करता है। 

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