कैशलेस लेनदेन से भ्रष्टाचार और काला धन की होगी समाप्ति : पीएम

 
नई दिल्ली, । विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है और अपने जारी सन्देश में उन्होंने आम जनता से डिजिटल लेन-देन को अधिक से अधिक उपयोग में लाने के लिए उपभोक्ताओं से अपील की है। उपभोक्ता को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर डिजिटल लेन-देन करने के लिए आग्रह करने का आग्रह करते हुए कैशलेश इकोनॉमी के माध्यम से देश को मजबूत बनाने की मांग करते हुए उपभोक्ताओं से डिजिटल लेन-देन को गले लगाने और भ्रष्टाचार और कालाधन को खत्म करने के लिए आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर कहा है कि हम उपभोक्ता को सलाम करते हैं, जिनकी क्रय शक्ति पर हमारी अर्थव्यवस्था का विकास होता है। भारत सरकार कई पहलों में अग्रणी है जो उपभोक्ता के अधिकारों की रक्षा करती है। यह सुनिश्चित करती है कि उनकी शिकायतों का समाधान त्वरित हो।उल्लेखनीय है कि प्रथम उपभोक्ता आंदोलन की शुरुआत अमेरिका के रूल्फ नाडेर के नेतृत्व में हुई थी । 1862 को अमेरिकी कांग्रेस में जॉन एफ कॉनेडी द्वारा उपभेक्ता संरक्षण विधेयक पास किया गया| फलस्वरूप 15 मार्च को अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस की शुरुआत हुई। अपने देश में उपभोक्ता हितों के रक्षा हेतु गोविन्द दास की अध्यक्षता में उपभोक्ता संरक्षण विधेयक का मसौदा अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने तैयार किया। जिसका उद्देश्य उपभोक्ता के हितों की रक्षा व शोषण से बचाना था। उनको अपने अधिकारों और जिम्मेदारी हेतु जागरूक बनाना था। इसी कड़ी में बीएम जोशी द्वारा एक स्वंयसेवी संगठन के रूप में 1974 पुणे में ग्राहक पंचायत की स्थापना की गई जिसके फलस्वरूप उपभोक्ता कल्याण परिषद का गठन हुआ।9 दिसम्बर 1896, उपभोक्ता संरक्षण विधेयक पारित हुआ। अत: आम उपभोक्ता के लिए सरल और सुगम बनाने हेतु संरक्षण नियम को 1987 में संशोधित किया गया जिसे 5 मार्च 2004 को अधिसूचित किया गया। फलस्वरूप भारत सरकार ने 24 दिसम्बर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस घोषित किया साथ ही अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस सन् 2000 में पूरे भारत में पहली बार मनाया गया था।

 

 

 

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