केरल में माकपा ने देवभूमि को बना दिया कत्लखाना : जे. नंदकुमार

भोपाल, 02 मार्च । केरल में माकपा से जुड़े लोगों द्वारा राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में मानव अधिकार मंच ने राजधानी भोपाल में गुरुवार को धरना दिया। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख जे. नंदकुमार ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले आठ महीनों में केरल में मार्क्सवादियों की सरकार आने के बाद पौने दो लाख अपराधिक मामले में पंजीकृत हुए हैं। इनमें से अधिकांश प्रकरण माकपा के गुंडों द्वारा अपने विरोधी विचार वाले कार्यकर्ताओं के विरुद्ध हिंसा के हैं। कम्युनिस्टों ने देवभूमि को कसाईघर में बदल दिया है। यहां बच्चे से लेकर वृद्ध कार्यकर्ता तक माकपाइयों की हिंसा का शिकार हो रहें हैं। उन्होंने कई उदाहरणों के माध्यम से केरल सरकार के संरक्षण में बर्बरता पूर्वक हो रही कई कार्यकर्ताओं की नृशंस हत्या की घटनाओं का भी जिक्र किया। नंदकुमार ने मीडिया से आव्हान किया कि वे केरल जाकर अपनी आँखों से वहां की स्थिति देखें और वहाँ हो रही घटनाओं की वास्तविकता से समाज को अवगत कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि अपने विरोधी विचार वालों को वीभत्स तरीके से मारना उनके घर, दुकान, वाहन, खेत आदि जलाने की घटनाएँ सभ्य समाज एवं लोकतांत्रिक देश में होना शर्मनाक है। मीडिया इस पर गंभीर बहस करे। कार्यक्रम के प्रारंभ में सोशल मीडिया कार्यकर्ता अनिमेष तिवारी ने वामपंथियों के रक्तरंजित इतिहास के बारे में बताया कि वामपंथ अब तक पूरी दुनिया में 100 मिलियन से अधिक लोगों की मौत का जिम्मेदार रहा है| वामपंथियों ने हमेशा देश तोड़ने का काम किया है। वामपंथ एक ऐसा पेड़ है जो जहाँ उगता है वहां की ज़मीन को बंजर और जिस हवा में पनपता है उस हवा को ज़हरीला बना देता है। धरना कार्यक्रम को प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा रामेश्वर शर्मा, मलयाली समाज के उन्नीकृष्णन, भारतीय मजदूर संघ के सुधाकर कुलकर्णी, दुर्गा वाहिनी की कीर्ति दीक्षित, वरिष्ठ साहित्यकार रामेश्वर मिश्र पंकज ने भी संबोधित कर वामपंथियों द्वारा की जा रही हिंसात्मक कार्यकलापों की निंदा की। धरने के बाद एक प्रतिनिधि मंडल ने राजभवन जाकर राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भी दिया।

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